आज मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर कीमती धातुओं में मिला-जुला कारोबार देखने को मिला। सोने के फ्यूचर ₹243 की गिरावट के साथ ₹1,41,380 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहे थे, जबकि चांदी के फ्यूचर ₹815 की मजबूती के साथ ₹2,16,655 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गए।
सोने-चांदी की चाल पर बाज़ार की नज़र
इस हफ्ते कीमती धातुओं में यह मिली-जुली चाल निवेशकों की अमेरिकी फेडरल रिजर्व की अगली पॉलिसी मीटिंग के नतीजों पर टिकी नजरों का संकेत दे रही है। फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों पर फैसले का सीधा असर सोने और चांदी की कीमतों पर पड़ता है। जब ब्याज दरें बढ़ने की उम्मीद होती है, तो सोना, जिस पर कोई ब्याज नहीं मिलता, अक्सर दबाव में आ जाता है क्योंकि निवेशक बेहतर रिटर्न देने वाली संपत्तियों की ओर बढ़ते हैं। वहीं, चांदी, जो एक कीमती धातु होने के साथ-साथ औद्योगिक वस्तु भी है, अधिक अस्थिरता दिखा सकती है।
ऐतिहासिक कीमतों से तुलना
अगर हालिया ट्रेंड्स पर नज़र डालें, तो सोना ₹1,41,380 के अपने मौजूदा स्तर पर साल के उच्चतम ₹1,80,779 प्रति 10 ग्राम से नीचे कारोबार कर रहा है। इसी तरह, चांदी भी इस साल अपने उच्चतम स्तर ₹4,20,048 प्रति किलोग्राम से काफी नीचे ₹2,16,655 प्रति किलोग्राम पर ट्रेड कर रही है। यह गिरावट पिछले कुछ महीनों से कमोडिटी मार्केट में देखी जा रही व्यापक करेक्शन को दर्शाती है।
ग्लोबल बाज़ार का रुख
घरेलू बाज़ार की तरह ही अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में भी यही स्थिति देखी जा रही है। फेड मीटिंग से पहले वैश्विक बाज़ार में सतर्कता के चलते Comex एक्सचेंज पर सोने का फ्यूचर 14.40 डॉलर गिरकर 4,024.30 डॉलर प्रति औंस पर था। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चांदी में मजबूती दिखी, Comex सिल्वर फ्यूचर 0.63 डॉलर चढ़कर 58.15 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया।
निवेशकों की नजरें अब फेडरल रिजर्व की मीटिंग के बाद आने वाली कमेंट्री पर रहेंगी। नीतिगत फैसले से न केवल अमेरिकी डॉलर की मजबूती प्रभावित होगी, बल्कि सोने जैसी सुरक्षित संपत्तियों की मांग और चांदी के औद्योगिक आउटलुक पर भी असर पड़ने की उम्मीद है। केंद्रीय बैंक के ब्याज दरों में बढ़ोतरी या महंगाई लक्ष्यों पर रुख में कोई भी बदलाव इन धातुओं के भविष्य की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
