कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की संभावनाओं के बीच Gold की चमक फीकी पड़ी है। फिलहाल सोना **$4,334** प्रति औंस के स्तर पर आ गया है, और अब सबकी नजरें **15-16 सितंबर** को होने वाली FOMC मीटिंग पर टिकी हैं।
बाजार पर क्यों है दबाव?
सोमवार को गोल्ड की कीमतों में गिरावट देखी गई, जिसकी मुख्य वजह क्रूड ऑयल के दामों में 2% से ज्यादा का उछाल है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव ने एनर्जी सप्लाई चेन को बाधित किया है, जिससे महंगाई बढ़ने का डर पैदा हो गया है। इसके चलते अब मार्केट में 86.5% उम्मीद जताई जा रही है कि फेडरल रिजर्व अपनी आगामी बैठक में ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकता है।
क्यों कम हो रहा सोने का आकर्षण?
इन्वेस्टर्स के लिए यह समझना जरूरी है कि जब सेंट्रल बैंक ब्याज दरें बढ़ाते हैं, तो अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड (Treasury Yields) में बढ़ोतरी होती है। चूंकि गोल्ड पर कोई फिक्स्ड डिविडेंड या इंटरेस्ट नहीं मिलता, इसलिए हाई यील्ड वाले बॉन्ड्स के मुकाबले निवेशक सोने से दूरी बनाने लगते हैं, जो मेटल की कीमतों के लिए एक बड़ा हेडविंड है।
अन्य मेटल्स का हाल
सोने के साथ-साथ चांदी में भी गिरावट दर्ज की गई है। Silver का भाव 0.7% फिसलकर $64.02 प्रति औंस पर आ गया है। वहीं, प्लैटिनम और पैलेडियम फिलहाल अपने पिछले स्तरों के आसपास ही ट्रेड कर रहे हैं। अब निवेशकों को फेडरल रिजर्व के फैसलों और उनकी भविष्य की इकोनॉमिक प्रोजेक्शन का इंतजार है, जो अगले कुछ दिनों के लिए मार्केट की दिशा तय करेंगे।
