US-Iran के बीच बढ़ते तनाव की वजह से ग्लोबल मार्केट में गोल्ड की कीमतें **$4,173** प्रति औंस के स्तर पर पहुंच गई हैं। हालांकि, भारत में तस्वीर थोड़ी अलग है क्योंकि रुपये की कमजोरी के चलते घरेलू बाजार में कीमतों पर दबाव बना हुआ है।
ग्लोबल मार्केट का हाल
30 सितंबर को इंटरनेशनल मार्केट में सोने की कीमतों में 1.42% की तेजी देखी गई और यह $4,173 प्रति औंस पर पहुंच गया। इसकी मुख्य वजह US और ईरान के बीच बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tensions) है। जब भी वैश्विक अनिश्चितता बढ़ती है, निवेशक सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की ओर रुख करते हैं। इसी का असर US गोल्ड फ्यूचर्स पर भी दिखा, जो 0.54% बढ़कर $4,202 प्रति औंस पर सेटल हुआ।
भारत में क्यों है उलझन?
ग्लोबल स्तर पर तेजी के बावजूद, भारतीय बाजार में सोने के भाव 0.32% गिरकर ₹1,46,933 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुए। इसका बड़ा कारण करेंसी में उतार-चढ़ाव है। चूंकि भारत अपनी सोने की जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात (Import) करता है, इसलिए रुपया कमजोर होने से सोना खरीदना महंगा हो जाता है। मंगलवार को रुपया डॉलर के मुकाबले 96.2 के दो महीने के निचले स्तर पर लुढ़क गया, जिससे आयात लागत बढ़ गई है।
क्रूड ऑयल का दबाव
एनर्जी मार्केट में भी हलचल तेज है। ब्रेंट क्रूड ऑयल $105 प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है। क्रूड की कीमतों में अस्थिरता का सीधा असर भारत के ट्रेड बैलेंस और रुपये की वैल्यू पर पड़ता है। यह स्थिति सोने के निवेशकों के लिए दोहरी मार जैसी है—एक तरफ ग्लोबल गोल्ड बढ़ रहा है, तो दूसरी तरफ रुपये की कमजोरी घरेलू कीमतों को भी ऊपर खींच रही है, जिससे मांग में सुस्ती दिख सकती है।
एक्सचेंज पर हलचल
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर दिसंबर डिलीवरी वाला गोल्ड ₹1,46,247 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। चांदी की बात करें तो स्पॉट कीमतें ₹2,21,501 प्रति 10 ग्राम पर स्थिर रहीं, जबकि सिल्वर फ्यूचर्स ₹2,25,200 प्रति किलोग्राम पर दर्ज की गई।
अगले कुछ हफ्ते काफी अहम रहने वाले हैं, जहां निवेशकों की नजरें US-Iran संबंधों और रुपये की चाल पर टिकी रहेंगी।
