अगस्त 2026 में ग्लोबल गोल्ड-बैक्ड ETFs में निवेशकों ने **$18 बिलियन** का निवेश किया है, जो इतिहास की दूसरी सबसे बड़ी मासिक वृद्धि है। इसके साथ ही कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट बढ़कर **$615 बिलियन** के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है।
अगस्त 2026 में दुनिया भर के निवेशकों ने गोल्ड-बैक्ड एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स (ETFs) की तरफ रुख किया है। इस भारी खरीदारी से इन फंड्स का कुल एसेट बेस 16% बढ़कर $615 बिलियन के रिकॉर्ड शिखर पर पहुंच गया है।
भौगोलिक रुझान (Geographic Trends)
इस तेजी में यूरोप सबसे आगे रहा, जिसने $7.9 बिलियन का अपना अब तक का सबसे बड़ा मासिक इनफ्लो दर्ज किया है। इसमें यूके का योगदान $4.4 बिलियन रहा, जबकि फ्रांस के फंड्स में $1.5 बिलियन का रिकॉर्ड निवेश देखा गया। वहीं, नॉर्थ अमेरिका के बाजारों ने भी पीछे न रहते हुए $7.7 बिलियन का नया निवेश आकर्षित किया। एशिया के बाजार भी पीछे नहीं रहे, जहां चीन में सोने की कीमतों में रिकवरी के कारण $2 बिलियन का योगदान देखने को मिला।
बाजार का डर और फेडरल रिजर्व की चुनौतियां
यह भारी पूंजी का प्रवाह ग्लोबल स्तर पर बढ़ती वित्तीय अनिश्चितताओं को दर्शाता है। निवेशक अपने पोर्टफोलियो को सुरक्षित रखने के लिए गोल्ड को एक 'हेज' (hedge) के रूप में देख रहे हैं। हालांकि, COMEX एक्सचेंज पर सोना $4,500 प्रति औंस के स्तर को पार करने में संघर्ष कर रहा है।
यहाँ सबसे बड़ा जोखिम US Federal Reserve की पॉलिसी है। चूंकि सोने पर कोई ब्याज या डिविडेंड नहीं मिलता, इसलिए अगर फेडरल रिजर्व ब्याज दरें बढ़ाता है, तो सोने की मांग में कमी आ सकती है।
टेक्निकल आउटलुक
फिलहाल गोल्ड मार्केट सतर्क है। टेक्निकल चार्ट्स पर अगर सोना $4,400 के सपोर्ट लेवल को बनाए रखने में विफल रहता है, तो कीमतें $4,300 तक फिसल सकती हैं। ट्रेडर्स अब आने वाले इन्फ्लेशन डेटा और सेंट्रल बैंक की टिप्पणियों पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं।
