Global Food Inflation: खाने-पीने की चीजों के दाम में आग! महंगाई दर **5.8%** पर पहुंची

COMMODITIES
Whalesbook Logo
AuthorAditi Chauhan|Published at:
Global Food Inflation: खाने-पीने की चीजों के दाम में आग! महंगाई दर **5.8%** पर पहुंची

सितंबर 2026 में ग्लोबल फूड प्राइसेज में **1.5%** का उछाल आया है, जिससे सालाना महंगाई दर **5.8%** हो गई है। 'सुपर' अल नीनो (El Niño) और सप्लाई चेन में बाधाओं के चलते अनाज और चीनी महंगी हुई हैं, जो दुनिया भर में सेंट्रल बैंकों की नीति के लिए चुनौती बन रही है।

फूड एंड एग्रीकल्चर ऑर्गेनाइजेशन (FAO) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, ग्लोबल फूड प्राइसेज पिछले लगभग चार वर्षों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गए हैं। सितंबर 2026 में FAO फूड प्राइस इंडेक्स 136.0 अंक पर रहा, जो पिछले महीने के मुकाबले 1.5% ज्यादा है। साल-दर-साल आधार पर इसमें 5.8% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो आम आदमी के बजट के लिए बड़ा झटका है।

जलवायु और संघर्ष का असर

महंगाई के पीछे दो बड़ी वजहें हैं—मौसम और लॉजिस्टिक्स। 'सुपर' अल नीनो, जिसका असर 2027 तक रहने की आशंका है, भारत, ब्राजील और दक्षिण-पूर्व एशिया में फसलों की पैदावार को प्रभावित कर रहा है। वहीं, ब्लैक सी (Black Sea) और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) में जारी जियोपोलिटिकल टेंशन ने सप्लाई चेन को बुरी तरह उलझा दिया है, जिससे माल ढुलाई का खर्चा बढ़ गया है।

किन चीजों के दाम सबसे ज्यादा बढ़े?

सितंबर में अनाज की कीमतें 5.1% उछल गईं। गेहूं और मक्का की सप्लाई में कमी और नॉर्थ अमेरिका में सूखे के कारण दाम बढ़ रहे हैं। वहीं, चीनी के दाम भी 6.1% बढ़े हैं। फर्टिलाइजर और फ्यूल की महंगी लागत सीधे तौर पर रिटेल मार्केट के सामानों की कीमत में जुड़ रही है।

इकोनॉमी और बाजार पर जोखिम

लगातार बढ़ती फूड इन्फ्लेशन सेंट्रल बैंकों के लिए परेशानी का सबब है। यदि खाने-पीने की चीजों के दाम नहीं घटे, तो ब्याज दरों (Interest Rates) को लंबे समय तक ऊंचा रखना पड़ सकता है, जिसका असर कंपनियों की कर्ज लेने की क्षमता पर पड़ेगा। भारत जैसे देशों में, जहां कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) में खाने की चीजों का बड़ा हिस्सा होता है, वहां ग्लोबल ट्रेंड्स का सीधा दबाव देखने को मिलता है। निवेशकों को अब फसल उत्पादन रिपोर्ट और ट्रेड रूट्स की स्थिति पर बारीकी से नजर रखने की जरूरत है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.