जुलाई 2026 में दुनिया भर के सेंट्रल बैंकों ने अपने गोल्ड भंडार में **23 टन** की शुद्ध बढ़ोतरी की है। चीन ने लगातार 21वें महीने सोने की खरीदारी जारी रखी है।
दुनिया भर के सेंट्रल बैंक लगातार सोने का स्टॉक बढ़ा रहे हैं। जुलाई 2026 में कुल 23 टन सोना खरीदा गया, जो इमर्जिंग मार्केट के बैंकों द्वारा अपनी करेंसी की रिस्क को कम करने की रणनीति का हिस्सा है।
चीन और पोलैंड की आक्रामक खरीदारी
People’s Bank of China इस खरीदारी की मुख्य वजह बना हुआ है। चीन ने लगातार 21वें महीने सोना खरीदा है और जुलाई में ही करीब 20 टन की खरीदारी की। अब चीन के पास कुल 2,366 टन सोना हो गया है। साथ ही, National Bank of Poland ने भी अपने भंडार को मजबूत करने के लिए काफी गोल्ड खरीदा है।
ब्याज दरों का गोल्ड पर दबाव
सोने की डिमांड तो बढ़ रही है, लेकिन US Federal Reserve की ओर से आ रहे कड़े बयानों ने चिंता बढ़ा दी है। जब अमेरिकी ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो गोल्ड जैसे नॉन-यील्डिंग एसेट्स (जिन पर ब्याज नहीं मिलता) की चमक फीकी पड़ सकती है। निवेशक अब यही देख रहे हैं कि फिजिकल डिमांड और बढ़ती ब्याज दरों में से किसका असर ज्यादा होगा।
रूस का रुख अलग
दूसरी तरफ, Russia ने जुलाई में करीब 6 टन सोना बेचा है। हालांकि, यह उनकी लॉन्ग-टर्म नीति में बदलाव नहीं, बल्कि मौजूदा आर्थिक दबाव और रक्षा बजट की जरूरतों को पूरा करने के लिए किया गया कदम है।
आने वाले महीनों में निवेशकों के लिए दो बातें सबसे अहम होंगी: पहली, चीन की खरीदारी का डेटा और दूसरी, US Fed की ब्याज दरों पर आने वाली गाइडेंस।
