Gandhar Oil, Savita Oil Shares में तूफानी तेजी: Q1 नतीजों ने किया कमाल, निवेशकों में खुशी की लहर!

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Gandhar Oil, Savita Oil Shares में तूफानी तेजी: Q1 नतीजों ने किया कमाल, निवेशकों में खुशी की लहर!

लुब्रिकेंट बनाने वाली कंपनियों Gandhar Oil Refinery और Savita Oil Technologies के शेयरों में गुरुवार को जबरदस्त उछाल देखा गया। कंपनी के शानदार तिमाही नतीजों और ब्रोकरेज फर्मों के पॉजिटिव आउटलुक ने निवेशकों को उत्साहित कर दिया है।

Detailed Coverage

Gandhar Oil: मुनाफे में 689% का जोरदार उछाल!

गुरुवार को भारतीय लुब्रिकेंट और स्पेशियलिटी पेट्रोलियम सेक्टर में जबरदस्त तेजी देखी गई। Gandhar Oil Refinery (India) के शेयर 20% बढ़कर ₹283.85 के स्तर पर पहुंच गए, वो भी भारी ट्रेडिंग वॉल्यूम के साथ। यह उछाल कंपनी की Q1FY27 की नतीजों के बाद आया है। कंपनी ने इस तिमाही में ₹205.89 करोड़ का टैक्स के बाद का मुनाफा (Profit After Tax) दर्ज किया है, जो पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 689.2% ज्यादा है। रेवेन्यू (Revenue) में भी 91.8% का शानदार इजाफा हुआ और यह ₹1,731.93 करोड़ तक पहुंच गया। कंपनी की सेल्स वॉल्यूम (Sales Volume) 8% बढ़कर 1,31,449 किलोलीटर रही।

Savita Oil Technologies: रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचे शेयर!

Savita Oil Technologies के शेयर भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए और ₹664.30 का ऑल-टाइम हाई बनाया। यह कंपनी ट्रांसफॉर्मर ऑयल और इंडस्ट्रियल लुब्रिकेंट्स में माहिर है और बाजार विश्लेषकों का ध्यान खींच रही है। ICICI Securities का अनुमान है कि FY28 तक Savita Oil का रेवेन्यू हर साल 34% की दर से बढ़ सकता है, क्योंकि इसके स्पेशियलिटी प्रोडक्ट्स की डिमांड लगातार बनी हुई है।

Panama Petrochem में भी दिखा दम

इसी सेक्टर की एक और कंपनी, Panama Petrochem के शेयर भी 10% उछलकर ₹502.35 पर पहुंच गए। Panama Petrochem को ICRA से लगातार स्टेबल क्रेडिट रेटिंग मिल रही है, जिसे मई 2026 में फिर से कन्फर्म किया गया है। UAE में कंपनी का मैन्युफैक्चरिंग बेस रॉ-मटेरियल की सोर्सिंग के लिए एक बड़ा एडवांटेज माना जा रहा है।

सेक्टर की चाल और निवेशकों के लिए अहम बातें

हालांकि, इन कंपनियों का हालिया प्रदर्शन काफी पॉजिटिव रहा है, लेकिन निवेशकों को यह ध्यान रखना होगा कि कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में उतार-चढ़ाव का लुब्रिकेंट कंपनियों पर सीधा असर पड़ता है। बेस ऑयल, जो कि कच्चे तेल का ही एक डेरिवेटिव है, की कीमतों में तेजी या मंदी सीधे रॉ-मटेरियल की लागत और प्रॉफिट मार्जिन को प्रभावित करती है।

Gandhar Oil ने भी कहा है कि जियो-पॉलिटिकल मुद्दे और कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता के बावजूद उन्होंने यह परफॉरमेंस हासिल की है। लुब्रिकेंट बिजनेस में रॉ-मटेरियल की लागत और फाइनल सेलिंग प्राइस के बीच हेल्दी मार्जिन बनाए रखना बहुत जरूरी है। ये कंपनियां अलग-अलग इंडस्ट्रीज जैसे मैन्युफैक्चरिंग से लेकर कॉस्मेटिक्स तक की सप्लाई करती हैं, इसलिए कच्चे माल की लागत ग्राहकों पर डालने की क्षमता ही इनकी प्रॉफिटेबिलिटी का मुख्य फैक्टर है।

आगे चलकर, निवेशकों को वॉल्यूम ग्रोथ की सस्टेनेबिलिटी और कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता के बीच करंट ग्रॉस मार्जिन (Gross Margin) को बनाए रखने की क्षमता पर नजर रखनी चाहिए। साथ ही, मैनेजमेंट के भविष्य के कैपिटल स्पेंडिंग (Capital Spending) प्लान्स पर भी ध्यान देना जरूरी होगा, क्योंकि मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी में कोई भी बड़ा विस्तार आने वाले क्वार्टर्स में कैश फ्लो और डेट लेवल को प्रभावित कर सकता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.