GST Council की बैठक **8 अक्टूबर 2026** को होने वाली है, जिसमें बैंकों और सरकारी एजेंसियों के लिए सोना, चांदी और प्लेटिनम के इम्पोर्ट पर मिलने वाली टैक्स छूट को खत्म करने पर विचार किया जाएगा। इसका मकसद सभी के लिए **3%** टैक्स को अनिवार्य करना है।
सरकार ने 8 अक्टूबर 2026 को GST Council की एक अहम बैठक बुलाई है। इस बैठक का मुख्य एजेंडा कीमती धातुओं के इम्पोर्ट पर मिलने वाली IGST छूट को हटाना है। फिलहाल, बैंक और सरकार द्वारा नामित एजेंसियां इस छूट का फायदा उठाती हैं, लेकिन अब सरकार इसे खत्म कर सभी के लिए 3% टैक्स का एक समान नियम लागू करना चाहती है।
क्यों लिया जा रहा है यह फैसला?
यह छूट 2017 में संगठित व्यापार को बढ़ावा देने के लिए दी गई थी। अब सरकार निजी बुलियन एक्सचेंज और सरकारी एजेंसियों के बीच टैक्स के अंतर को खत्म करना चाहती है, ताकि विवादों को कम किया जा सके और पारदर्शिता लाई जा सके।
निवेशकों और बाजार पर क्या होगा असर?
कारोबारी नजरिए से देखें तो इम्पोर्टर्स को अब टैक्स का भुगतान पहले ही करना होगा, जिससे उनकी वर्किंग कैपिटल की जरूरत 3% तक बढ़ सकती है। एनालिस्ट्स का मानना है कि इससे बैंकों और एजेंसियों पर थोड़े समय के लिए लिक्विडिटी का दबाव बन सकता है। इसके अलावा, सप्लाई चेन में होने वाले बदलावों के कारण घरेलू मार्केट में ज्वेलर्स को भी अल्पकालिक चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। निवेशकों की नजरें इस बैठक पर टिकी हैं कि सरकार इस बदलाव को कितनी तेजी से लागू करती है और इसका लॉन्ग-टर्म असर मार्केट पर क्या होगा।
