गुजरात मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (GMDC) ने अप्रैल-जून तिमाही में ₹163 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले साल की इसी अवधि के लगभग बराबर है। हालांकि, कंपनी का रेवेन्यू 24% बढ़कर ₹907 करोड़ हो गया। GMDC अब दुर्लभ पृथ्वी तत्वों (rare earth elements) और कोल-टू-केमिकल्स (coal-to-chemicals) जैसे नए क्षेत्रों में विस्तार की योजना बना रही है।
तिमाही नतीजों पर एक नज़र
गुजरात मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (GMDC) ने 2027 फाइनेंशियल ईयर की अप्रैल-जून तिमाही के लिए ₹163 करोड़ का नेट प्रॉफिट घोषित किया है। यह पिछले साल की समान अवधि में दर्ज किए गए ₹164 करोड़ के मुनाफे के लगभग बराबर है। बॉटम लाइन स्थिर रही, लेकिन कंपनी ने कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में 24% की जोरदार साल-दर-साल बढ़ोतरी दर्ज की, जो बढ़कर ₹907 करोड़ हो गया। यह रेवेन्यू ग्रोथ मुख्य रूप से कंपनी के कोर माइनिंग सेगमेंट से आई, जिसने ₹841 करोड़ का योगदान दिया, साथ ही पावर बिजनेस के रेवेन्यू में 136% की बढ़ोतरी देखी गई, जो ₹111 करोड़ तक पहुंच गया।
नए मटीरियल्स और केमिकल्स में विस्तार
तिमाही वित्तीय नतीजों से परे, GMDC अपने बिजनेस मॉडल को पारंपरिक लिग्नाइट माइनिंग से आगे बढ़ाने की सोच रही है। कंपनी के बोर्ड ने IREL (India) Ltd के साथ एक एमओयू (MoU) साइन करने की मंजूरी दी है ताकि दुर्लभ पृथ्वी तत्वों (rare earth elements) की संभावनाओं को तलाशा जा सके। ये तत्व आधुनिक टेक्नोलॉजी और ग्रीन एनर्जी हार्डवेयर के लिए महत्वपूर्ण हैं। इसके अलावा, GMDC, गुजरात नर्मदा वैली फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स लिमिटेड (GNFC) के साथ मिलकर कोल-टू-केमिकल्स वैल्यू चेन का मूल्यांकन करेगी। यह सहयोग विशेष रूप से गैसफिकेशन टेक्नोलॉजी पर केंद्रित होगा, जैसे कि अंडरग्राउंड कोल गैसिफिकेशन, ताकि कंपनी अपने मौजूदा कोल एसेट्स से अधिक वैल्यू निकाल सके।
कॉर्पोरेट रीस्ट्रक्चरिंग और एसेट स्टेटस
तिमाही के दौरान, कंपनी ने अपने निवेश पोर्टफोलियो में एक बदलाव को अंतिम रूप दिया। एक एमाल्गमेशन स्कीम (scheme of amalgamation) के तहत गुजरात स्टेट पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (GSPC) में GMDC की हिस्सेदारी समाप्त कर दी गई। इस ट्रांजीशन में, कंपनी को गुजरात एनर्जी लिमिटेड (GEL) के इक्विटी शेयर्स मिले हैं और GEL की गैस ट्रांसमिशन यूनिट के डीमर्जर (demerger) के बाद GSPL ट्रांसमिशन लिमिटेड के शेयर्स मिलने की उम्मीद है। निवेशकों को यह ध्यान देना चाहिए कि GMDC ने ओडिशा में तीन कोयला खदानें हासिल करके अपना विस्तार तो किया है, लेकिन ये एसेट्स अभी तक कमर्शियल प्रोडक्शन के स्टेज तक नहीं पहुंचे हैं। इन नई खदानों के शुरू होने का समय और सफल ऑपरेशन भविष्य की रेवेन्यू ग्रोथ के लिए एक महत्वपूर्ण फैक्टर होगा।
निवेशक संदर्भ और प्रदर्शन
GMDC का मुख्य व्यवसाय सेरामिक्स, टेक्सटाइल और केमिकल्स जैसे उद्योगों को लिग्नाइट की सप्लाई पर बहुत निर्भर करता है। रेवेन्यू बढ़ने के बावजूद मुनाफे को बनाए रखने की कंपनी की क्षमता बताती है कि इस अवधि के दौरान लागतें बढ़ी हो सकती हैं, जिससे मार्जिन प्रभावित हुआ है। शेयर बाजार में, कंपनी के शेयर शुक्रवार को ₹563.15 पर बंद हुए, जो 0.61% की मामूली बढ़त दर्शाता है। आगे बढ़ते हुए, निवेशक आगामी दुर्लभ पृथ्वी तत्व और कोल-टू-केमिकल्स प्रोजेक्ट्स की प्रगति के साथ-साथ ओडिशा कोयला खदानों के कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू करने की अपडेट्स पर नज़र रख सकते हैं।
