FCI Wheat Auction: गेहूं की कीमतों में उछाल, मिलर्स की ऊंची बोली से FMCG कंपनियों की बढ़ेगी टेंशन

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AuthorNeha Patil|Published at:
FCI Wheat Auction: गेहूं की कीमतों में उछाल, मिलर्स की ऊंची बोली से FMCG कंपनियों की बढ़ेगी टेंशन

FCI की हालिया नीलामी में फ्लोर मिलर्स **₹3,100** प्रति क्विंटल से ज्यादा की बोली लगा रहे हैं, जो मार्केट औसत **₹2,910** से काफी अधिक है। यह सप्लाई में आ रही तंगी को दर्शाता है, जिससे FMCG और फूड कंपनियों की लागत बढ़ने का जोखिम पैदा हो गया है।

नीलामी में क्यों है इतनी हलचल?

हाल ही में 28 अक्टूबर को हुई फूड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (FCI) की गेहूं नीलामी में जबरदस्त होड़ देखने को मिली। मिलर्स ने ₹3,100 प्रति क्विंटल से ज्यादा का भाव चुकाया है, जो कि ₹2,910 के नेशनल होलसेल औसत से काफी ऊंचा है। सरकार बाजार में लिक्विडिटी बढ़ाने की कोशिश कर रही है, लेकिन मांग का दबाव कम होता नहीं दिख रहा है।

क्या है सप्लाई की दिक्कत?

कीमतें बढ़ने की मुख्य वजह सप्लाई में कटौती है। सरकार ने इस नीलामी के लिए गेहूं का कुल आवंटन घटाकर 1.01 लाख टन कर दिया है, जो पिछले स्तरों से 5,000 टन कम है। इसके अलावा, बोली लगाने वालों पर 300 से 500 टन की कैप लगाई गई है। मिल मालिकों का कहना है कि उन्हें अपना कामकाज सुचारू रखने के लिए महीने में 3,000 टन से ज्यादा गेहूं की जरूरत होती है, ऐसे में यह कैप उनकी जरूरतों के हिसाब से बहुत कम है।

स्टॉक ज्यादा फिर भी राहत क्यों नहीं?

आंकड़े बताते हैं कि FCI के पास 463 लाख टन गेहूं का भंडार है, जो 205.2 लाख टन के बफर नॉर्म से दोगुना से भी ज्यादा है। बावजूद इसके, नीलामी के सख्त नियमों के चलते यह स्टॉक बाजार में कीमतों को काबू करने में नाकाम साबित हो रहा है। पंजाब जैसे राज्यों में तो पूरा 25,000 टन का कोटा हाथों-हाथ बिक गया और औसत कीमत ₹2,992 प्रति क्विंटल तक पहुंच गई।

निवेशकों के लिए चेतावनी

यह स्थिति खाद्य महंगाई और बिस्किट, नूडल्स व पैकेज्ड आटा बनाने वाली FMCG कंपनियों के लिए चिंता का विषय है। अगर गेहूं के दाम ऊंचे बने रहते हैं, तो इन कंपनियों के ऑपरेटिंग मार्जिन पर बुरा असर पड़ना तय है। निवेशकों को आने वाले समय में FCI के नीलामी वॉल्यूम और सरकार द्वारा नियमों में बदलाव की संभावनाओं पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए, क्योंकि अगर सप्लाई पर पाबंदियां जारी रहीं, तो कंपनियों की रॉ मटेरियल कॉस्ट बढ़ती रहेगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.