Emkay Wealth Management की रिपोर्ट के मुताबिक गोल्ड में **12%** की तेजी की उम्मीद है। वहीं, चांदी में उतार-चढ़ाव जारी रहने के आसार हैं।
गोल्ड की चमक बरकरार
कीमती धातुओं में इन दिनों मुनाफावसूली का दौर देखा जा रहा है। इसके बावजूद, Emkay Wealth Management ने गोल्ड को लेकर पॉजिटिव आउटलुक पेश किया है। गोल्ड को इस समय दुनियाभर के सेंट्रल बैंकों की ओर से मिल रही लगातार खरीदारी का बड़ा सपोर्ट है। साथ ही, ग्लोबल स्तर पर ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें सोने के भाव को और मजबूती दे रही हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि यदि गोल्ड अपना भाव $4,550 के ऊपर टिकाए रखता है, तो निवेशकों के लिए अच्छे संकेत हैं।
चांदी की औद्योगिक अस्थिरता
चांदी का मामला गोल्ड से थोड़ा अलग है। औद्योगिक मांग पर निर्भरता के कारण चांदी में सोने के मुकाबले कहीं ज्यादा उतार-चढ़ाव (Volatility) देखने को मिलता है। फिलहाल चांदी $68 से $74 प्रति औंस के दायरे में रेजिस्टेंस का सामना कर रही है। जो निवेशक चांदी में दांव लगाना चाहते हैं, उन्हें अधिक सावधानी बरतने की सलाह है क्योंकि मार्केट सेंटीमेंट्स बदलते ही इसमें तेज गिरावट या उछाल आ सकता है।
ETF में कैसा रहा परफॉरमेंस?
भारत में कई निवेशकों ने गोल्ड और सिल्वर ETF के जरिए पोर्टफोलियो बनाया है। पिछले एक साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो HDFC Gold ETF और Nippon India ETF Gold BeES ने 43% से ज्यादा का रिटर्न दिया है। वहीं, ICICI Pru Silver ETF जैसे प्रोडक्ट्स ने 95% तक का शानदार मुनाफा कमाया है। हालांकि, ये बीते दौर के आंकड़े हैं और भविष्य में भी ऐसा ही रिटर्न मिलेगा, इसकी कोई गारंटी नहीं है।
बाजार के लिए रिस्क
फिलहाल मार्केट में 'प्रॉफिट बुकिंग' सबसे बड़ा रिस्क है। साथ ही, ग्लोबल सेंट्रल बैंकों की मौद्रिक नीति और महंगाई के नए आंकड़े तय करेंगे कि आने वाले समय में सोने-चांदी की चाल किस तरफ होगी। निवेशकों को लेबर मार्केट के डेटा और नए आर्थिक फैसलों पर कड़ी नजर रखने की जरूरत है।
