Egg Prices: एथेनॉल की दौड़ में मक्का महंगा, अंडे की कीमतों में **40%** का तूफानी उछाल

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Egg Prices: एथेनॉल की दौड़ में मक्का महंगा, अंडे की कीमतों में **40%** का तूफानी उछाल

एथेनॉल प्रोडक्शन के लिए मक्का (Maize) की बढ़ती मांग ने पोल्ट्री इंडस्ट्री के लिए संकट खड़ा कर दिया है। पिछले एक साल में अंडों की कीमतों में **40%** की भारी बढ़ोतरी हुई है क्योंकि पोल्ट्री फीड के दाम आसमान छू रहे हैं।

भारतीय पोल्ट्री उद्योग इस समय एक बड़े इन्फ्लेशनरी दबाव से गुजर रहा है। सरकार के 20% एथेनॉल ब्लेंडिंग लक्ष्य को पूरा करने की होड़ में मक्का की एक बड़ी खेप पोल्ट्री फार्म्स के बजाय एथेनॉल डिस्टिलरीज तक पहुंच रही है।

क्यों बढ़ रहे हैं दाम?

मुर्गी और अंडों की कुल प्रोडक्शन लागत में मक्का की हिस्सेदारी 65% से 70% के बीच होती है। पिछले तीन वर्षों में मक्का के दाम करीब दोगुने हो गए हैं। यह ₹14,000 प्रति टन से बढ़कर ₹26,500 प्रति टन के स्तर पर पहुंच गया है। इस बढ़ती लागत का बोझ ग्राहकों पर पड़ रहा है, जिसके चलते बाजार में अंडे की खुदरा कीमत ₹8.50 से ₹10 प्रति अंडा तक पहुंच गई है।

भारत की बदलती ट्रेड पोजिशन

कभी मक्का का शुद्ध निर्यातक (Exporter) रहने वाला भारत अब आयातक (Importer) बन गया है। फाइनेंशियल ईयर 2025 में देश को 1 मिलियन टन मक्का इंपोर्ट करना पड़ा। विदेशी अनाज पर बढ़ती यह निर्भरता ग्लोबल कमोडिटी मार्केट में उतार-चढ़ाव और लॉजिस्टिक देरी का जोखिम भी साथ लेकर आती है।

निवेशकों के लिए क्या है संकेत?

पोल्ट्री कंपनियां इस समय दोराहे पर हैं। या तो वे खुद लागत का बोझ उठाएं, जिससे उनका प्रॉफिट मार्जिन सिकुड़ जाएगा, या फिर ग्राहकों पर कीमतें बढ़ाएं, जिससे डिमांड घटने का डर है।

निवेशकों को अब आने वाली फसल, एथेनॉल पॉलिसी में संभावित बदलावों और कंपनियों के क्वार्टरली रिजल्ट्स पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए। क्या कंपनियां इस इन्फ्लेशनरी प्रेशर को झेल पाएंगी, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.