Digital Gold का क्रेज: ₹2,590 करोड़ का निवेश, लेकिन क्या आपका पैसा सुरक्षित है?

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AuthorMehul Desai|Published at:
Digital Gold का क्रेज: ₹2,590 करोड़ का निवेश, लेकिन क्या आपका पैसा सुरक्षित है?

सितंबर महीने में Digital Gold में निवेश **83%** बढ़कर **₹2,590 करोड़** के स्तर पर पहुंच गया है। यूपीआई (UPI) के जरिए आसान एक्सेस ने नए निवेशकों को खूब लुभाया है, लेकिन निवेश से पहले एक बड़ा रिस्क जरूर समझ लें कि यह SEBI के दायरे में नहीं आता।

भारत में निवेशकों का रुझान तेजी से डिजिटल गोल्ड की ओर बढ़ रहा है। सितंबर में यह आंकड़ा ₹2,590 करोड़ तक पहुंच गया है, जो पिछले साल के मुकाबले 83% ज्यादा है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की रिपोर्ट के मुताबिक, साल के पहले नौ महीनों में कुल वॉल्यूम में 76% की उछाल देखी गई है।

क्यों बढ़ रहा है डिजिटल गोल्ड का चलन?

डिजिटल गोल्ड में निवेश करना बेहद आसान है। आज निवेशक महज ₹10 से भी गोल्ड में निवेश की शुरुआत कर रहे हैं। फेस्टिव सीजन को देखते हुए MMTC-PAMP जैसे प्लेयर्स को उम्मीद है कि धनतेरस और दिवाली के दौरान वॉल्यूम में 50% तक का इजाफा हो सकता है।

निवेशक क्यों रहें सतर्क?

यहां सबसे बड़ा पेंच यह है कि डिजिटल गोल्ड, गोल्ड ETF या सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) की तरह रेगुलेटेड नहीं है। यह असल में आपके और प्लेटफॉर्म के बीच का एक कांट्रैक्ट (Contract) है, जिस पर SEBI का कोई सीधा कंट्रोल नहीं है।

सुरक्षा का जोखिम और चेकलिस्ट:

डिजिटल गोल्ड में रिस्क इस बात का है कि क्या कंपनी के पास आपके निवेश के बदले वाकई में फिजिकल गोल्ड मौजूद है या नहीं। चूंकि कोई केंद्रीय नियामक (Central Regulator) नहीं है, इसलिए निवेश करते समय ये बातें जरूर चेक करें:

  • ऑडिट रिपोर्ट: क्या प्लेटफॉर्म समय-समय पर इंडिपेंडेंट ऑडिट करवाता है?
  • पारदर्शिता: क्या कंपनी फिजिकल गोल्ड की होल्डिंग और स्टोरेज का सबूत देती है?
  • हिडन चार्ज: स्प्रेड, स्टोरेज कॉस्ट और रिडेम्पशन फीस को ध्यान से समझें, क्योंकि ये आपके कुल रिटर्न को काफी हद तक प्रभावित करते हैं।
Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.