धनतेरस की खरीदारी से पहले Bureau of Indian Standards (BIS) के नए हॉलमार्किंग शुल्क और शुद्धता की जांच को समझना जरूरी है। सोने की ऊंची कीमतों के बीच 6-डिजिट वाले HUID कोड और टैक्स के घटकों की जानकारी आपको धोखाधड़ी से बचा सकती है।
जैसे-जैसे धनतेरस का त्यौहार नजदीक आ रहा है, देश भर में सोने की मांग तेजी से बढ़ने की उम्मीद है। निवेशकों और ग्राहकों के लिए कीमती धातुओं की शुद्धता सुनिश्चित करना बेहद जरूरी हो गया है। नवंबर 2026 की शुरुआत में सोने की कीमतें ₹13,385 प्रति ग्राम (22K) और ₹14,500 प्रति ग्राम (24K) के आसपास चल रही हैं, जिससे हर खरीदारी एक बड़ा फाइनेंशियल निवेश बन जाती है।\n\n### हॉलमार्किंग के जरूरी नियम\n\nBIS की गाइडलाइंस के अनुसार, हर हॉलमार्क वाली ज्वेलरी पर तीन चीजें होना अनिवार्य है: BIS का लोगो, शुद्धता का ग्रेड (कैरेट या मिलिसिमल फाइननेस), और 6-डिजिट वाला अल्फान्यूमेरिक HUID कोड। यह कोड उस विशेष आभूषण की पहचान है, जिसे आप BIS CARE ऐप के जरिए ट्रैक कर सकते हैं।\n\n### बदले हुए शुल्क (Revised Fees)\n\n14 सितंबर 2026 से BIS ने हॉलमार्किंग शुल्क में बदलाव किया है। अब सोने के लिए शुल्क ₹75 प्रति आर्टिकल और न्यूनतम कंसाइनमेंट फीस ₹200 तय की गई है। चांदी के लिए यह शुल्क ₹35 प्रति आइटम और न्यूनतम ₹150 है। हालांकि ये शुल्क ज्वेलर्स को देने होते हैं, लेकिन इसका असर मेकिंग चार्ज के जरिए ग्राहकों की जेब पर पड़ सकता है।\n\n### टैक्स और अन्य सावधानियां\n\nसोने की कीमत और मेकिंग चार्ज के अलावा, आपको 3% GST का भी भुगतान करना होगा। ध्यान रखें कि सोने के सिक्के, बार और कुंदन या पोलकी जैसी कुछ पारंपरिक ज्वेलरी हॉलमार्किंग के दायरे से बाहर हो सकती हैं। खरीदारी करते समय दुकान पर HUID कोड जरूर मांगें और उसे तुरंत ऐप पर वेरीफाई करें ताकि आप किसी भी तरह की मिलावट से बच सकें।
