Deccan Gold Mines अब एक नई राह पर है। कंपनी ने केवल एक्सप्लोरेशन तक सीमित रहने के बजाय अब कमर्शियल गोल्ड प्रोडक्शन शुरू कर दिया है। कंपनी ने भारत के Jonnagiri और किर्गिस्तान के Altyn Tor प्रोजेक्ट्स में **₹600 करोड़** का भारी-भरकम निवेश किया है और अब लिथियम-निकल जैसे क्रिटिकल मिनरल्स में भी हाथ आजमा रही है।
एक्सप्लोरेशन से प्रोडक्शन तक का सफर
Deccan Gold Mines का बिजनेस मॉडल अब पूरी तरह बदल चुका है। कंपनी ने अब सिर्फ खदानों की खोज करने के बजाय सीधे प्रोडक्शन पर फोकस किया है। साल 2020 के बाद से कंपनी ने अपनी कैपेसिटी बढ़ाने के लिए कुल ₹600 करोड़ का कैपिटल इन्वेस्टमेंट किया है।
प्रोडक्शन के आंकड़े
वित्तीय वर्ष 2027 की पहली तिमाही में, Jonnagiri प्रोजेक्ट से 89.7 किलोग्राम सोने का उत्पादन हुआ, जिसमें से 59 किलोग्राम सोना बाजार में उतारा गया है। निवेशकों के लिए अब यह देखना अहम होगा कि कंपनी अपनी इस प्रोडक्शन स्पीड को कैसे बरकरार रखती है।
ग्लोबल विस्तार और नए लक्ष्य
किर्गिस्तान के Altyn Tor प्रोजेक्ट में कंपनी ने ₹350 करोड़ का निवेश किया है और वहां 60% हिस्सेदारी के साथ 12 सितंबर, 2026 से काम शुरू कर दिया है। इसके अलावा, कंपनी का विजन अब सिर्फ सोने तक सीमित नहीं है। छत्तीसगढ़ में निकल, कॉपर और प्लैटिनम के साथ-साथ मोजाम्बिक में लिथियम-टैंटलम और स्पेन में टंगस्टन-टिन जैसे क्रिटिकल मिनरल्स पर भी काम शुरू किया गया है।
निवेशकों के लिए जोखिम (Investment Risks)
साफ है कि माइनिंग का बिजनेस बेहद कैपिटल-इंटेंसिव है। प्रोजेक्ट में देरी, लागत का बढ़ना और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऑपरेशन मैनेज करना बड़ी चुनौतियां हो सकती हैं। साथ ही, कमोडिटी कीमतों में होने वाली उतार-चढ़ाव कंपनी के मुनाफे पर सीधा असर डालेगी। इसलिए, निवेशकों को कंपनी के प्रोडक्शन डेटा और प्रोजेक्ट्स की समय पर पूरी होने वाली रिपोर्ट पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए।
