क्रिप्टो की शानदार वापसी! Bitcoin $68,000 के पार, पर इन वजहों से बढ़ रही चिंता

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AuthorMehul Desai|Published at:
क्रिप्टो की शानदार वापसी! Bitcoin $68,000 के पार, पर इन वजहों से बढ़ रही चिंता
Overview

क्रिप्टोकरेंसी मार्केट में एक बार फिर ज़ोरदार रिकवरी देखने को मिली है। Bitcoin की कीमत **$68,000** के पार निकल गई है, वहीं Ethereum भी **$2,000** का आंकड़ा पार कर चुका है। इस उछाल की मुख्य वजह स्पॉट Bitcoin ETF में भारी इनफ्लो (inflow) और शॉर्ट लिक्विडेशन (short liquidation) रहे।

क्रिप्टो में डबल गेम: तेजी और फंसावट

पिछले 24 घंटों में क्रिप्टोकरेंसी में यह जबरदस्त वापसी देखी गई है। Bitcoin ने $68,000 का स्तर फिर से हासिल किया, जबकि Ethereum $2,000 के पार चला गया। इस तेजी के पीछे सबसे बड़ा हाथ स्पॉट Bitcoin ETF में $257 मिलियन के शानदार नेट इनफ्लो का रहा, जो जनवरी के बाद सबसे ज्यादा है। इसके अलावा, $400 मिलियन से ज्यादा की शॉर्ट पोजीशन्स का लिक्विडेट होना भी इस तेजी को और बल दे गया। एनालिस्ट्स का मानना है कि ग्लोबल रिस्क एपेटाइट (risk appetite) में सुधार, बॉन्ड यील्ड्स (bond yields) का स्थिर होना और थोड़ी आसान फाइनेंशियल कंडीशंस (financial conditions) की उम्मीदें, Bitcoin जैसे लिक्विडिटी-सेंसिटिव एसेट्स (liquidity-sensitive assets) के लिए माहौल बना रही हैं। Solana, BNB और Cardano जैसे बड़े ऑल्टकॉइन्स (altcoins) में भी बढ़त देखी गई है।

लेकिन, इस तेजी के बावजूद, तस्वीर उतनी सीधी नहीं है। जहां Bitcoin का मार्केट कैप करीब $1.28 ट्रिलियन और Ethereum का $226 बिलियन के आसपास है, वहीं पिछले हफ्तों में ETF फ्लो (flow) में मिलाजुला रुझान दिखा है। स्पॉट Bitcoin ETF ने लगातार पांच हफ्तों तक $3.8 बिलियन का आउटफ्लो (outflow) झेला था। भले ही 20 फरवरी को $88.1 मिलियन का नेट इनफ्लो आया, पर यह बड़े निवेश के बजाय छोटी-मोटी पोजीशन को दिखाता है। यह पैटर्न शॉर्ट-टर्म प्राइस की नाजुकता की ओर इशारा करता है।

रेजिस्टेंस और मैक्रो के झटके

आगे का रास्ता टेक्निकल रेजिस्टेंस (technical resistance) से भरा है। Bitcoin फिलहाल $69,000-$70,000 के ज़ोन को टेस्ट कर रहा है। एनालिस्ट्स $69,000 से $72,900 और फिर $75,000 को बड़े रेजिस्टेंस लेवल मान रहे हैं। इस रेंज को पार करने पर ही एक मजबूत अपट्रेंड (uptrend) की उम्मीद होगी, जबकि $65,000 एक अहम सपोर्ट लेवल बना हुआ है। Ethereum के सामने भी $2,100 से $2,220 का रेजिस्टेंस है, वहीं $2,000 पर इमीडिएट सपोर्ट और $1,800-$2,000 के बीच डीपर सपोर्ट नजर आ रहा है। $2,200 का लेवल भी काफी अहम है।

मैक्रो इकोनॉमिक (macroeconomic) माहौल भी मिलाजुला है। जहां कुछ संकेत 'रिस्क-ऑन' (risk-on) सेंटिमेंट (sentiment) की ओर इशारा कर रहे हैं, वहीं महंगाई (inflation) के आंकड़े फेडरल रिजर्व (Federal Reserve) से ब्याज दरों में तुरंत कटौती की उम्मीदों को कम कर रहे हैं। इसके अलावा, यूएस-जापान यील्ड स्प्रेड (yield spread) का कम होना, रिस्क एसेट्स में लिक्विडिटी (liquidity) टाइट होने का संकेत देता है, जो क्रिप्टो वैल्यूएशन (valuation) पर दबाव डाल सकता है। मार्केट सेंटिमेंट भी कई बार 'एक्सट्रीम फियर' (extreme fear) जोन में चला गया है। एक और अहम इवेंट शुक्रवार को होने वाली $10.5 बिलियन की मंथली BTC ऑप्शंस एक्सपायरी (options expiry) है, जिससे अचानक वोलैटिलिटी (volatility) बढ़ सकती है।

ऑल्टकॉइन्स की चाल और बेयर केस

Bitcoin और Ethereum के साथ-साथ ऑल्टकॉइन्स में भी अलग-अलग परफॉरमेंस दिख रही है। Solana (SOL) ने हाल में Bitcoin और Ethereum से बेहतर रिटर्न दिया है, लेकिन इसकी वोलैटिलिटी (volatility) काफी ज्यादा है, लगभग 80% के मुकाबले Bitcoin और Ethereum की वोलैटिलिटी कम है। BNB और Cardano ने भी पॉजिटिव रिटर्न दिया है, लेकिन इनका लॉन्ग-टर्म परफॉरमेंस बड़े मार्केट ट्रेंड्स पर निर्भर करेगा।

इस तेजी के खिलाफ भी कई तर्क हैं। एनालिस्ट्स 2026 के लिए काफी अलग-अलग प्राइस टारगेट दे रहे हैं। कुछ का मानना है कि 2026 में मार्केट कंसॉलिडेट (consolidate) होगा, न कि पैराबोलिक ग्रोथ (parabolic growth) जारी रहेगी। Bitcoin के टारगेट $60,000-$65,000 से लेकर $150,000-$250,000 तक के हैं। Ethereum के लिए भी $1,800-$2,000 तक की गिरावट का अनुमान है। Vitalik Buterin द्वारा ETH बेचने की खबरें और बड़े होल्डर्स (whales) के अनरियलाइज्ड लॉसेस (unrealized losses) भी मार्केट की स्थिरता पर चिंता बढ़ा रहे हैं। रेगुलेटरी (regulatory) जांच भी जारी है।

आगे क्या? उम्मीदें और आशंकाएं

कुल मिलाकर, क्रिप्टो मार्केट का भविष्य इस बात पर निर्भर करता है कि यह अपने सपोर्ट लेवल से ऊपर टिक पाता है या नहीं और रेजिस्टेंस लेवल को पार कर पाता है या नहीं। रेगुलेटेड प्रोडक्ट्स में लगातार इंस्टीट्यूशनल इनफ्लो (institutional inflow) और स्थिर मैक्रो इकोनॉमिक माहौल लॉन्ग-टर्म ग्रोथ के लिए जरूरी हैं। लेकिन, आने वाली ऑप्शंस एक्सपायरी और निवेशक सेंटिमेंट में बदलाव भी मार्केट को प्रभावित कर सकते हैं। हालिया रिकवरी ने मजबूती दिखाई है, पर आगे की बड़ी तेजी के लिए रेजिस्टेंस लेवल के ऊपर कन्फर्मेशन (confirmation) जरूरी है, वहीं एनालिस्ट्स की अलग-अलग राय अनिश्चितता को दर्शाती है।

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