सोने के नए 'सिक्योरिटी' के तौर पर
Tether Holdings का यह कदम ग्लोबल फाइनेंस (Global Finance) की दुनिया में एक बड़ी हलचल मचा रहा है। कंपनी ने अपने फिजिकल गोल्ड रिजर्व्स (physical gold reserves) को अविश्वसनीय रूप से बढ़ाते हुए जनवरी 2026 के अंत तक लगभग 148 मीट्रिक टन सोना जमा कर लिया है। इस सोने का अनुमानित मूल्य $23 बिलियन है। यह भारी मात्रा में सोना जमा करने की प्रक्रिया, जो एक स्विस माउंटेन बंकर (Swiss mountain bunker) में चल रही थी, Tether को दुनिया के सबसे बड़े प्राइवेट गोल्ड खरीदारों की लिस्ट में खड़ा करती है। यह कई देशों के आधिकारिक रिजर्व (official reserves) से भी ज़्यादा है और ग्लोबल गोल्ड डिमांड (global gold demand) को सीधे तौर पर प्रभावित कर रहा है। 2025 में ग्लोबल गोल्ड डिमांड रिकॉर्ड स्तर पर 5,000 टन के पार निकल गई थी।Tether की यह रणनीति, जिसने 2025 की आखिरी तिमाही और 2026 की शुरुआत में करीब 32 टन सोना खरीदा, उन्हें टॉप 30 ग्लोबल गोल्ड होल्डर्स (top 30 global gold holders) में शामिल करती है, जो ऑस्ट्रेलिया और कतर जैसे देशों के रिजर्व से भी अधिक है। कंपनी ने अकेले Q4 2025 में लगभग 26 टन और जनवरी 2026 में 6 टन सोना खरीदा।
यह खरीद इतनी तेज़ी से हुई है कि Tether गैर-सरकारी खरीदारों में सबसे तेज़ बन गई है, और सिर्फ पोलैंड और ब्राजील जैसे देशों के सेंट्रल बैंक (Central Banks) ही उनसे आगे हैं। यह सब तब हो रहा है जब सोने का औसत मूल्य Q4 2025 में रिकॉर्ड $4,135 प्रति औंस था, और जनवरी 2026 में यह $5,600 प्रति औंस के शिखर पर पहुँच गया था, फरवरी 2026 के मध्य तक यह $5,000 प्रति औंस के आसपास आ गया था।
रिजर्व स्ट्रैटेजी में बड़ा बदलाव
Tether की इस नई रिजर्व स्ट्रैटेजी (reserve strategy) के तहत, कंपनी अपने इन्वेस्टमेंट पोर्टफोलियो (investment portfolio) का 10% से 15% फिजिकल गोल्ड में रखती है। यह सोना न केवल उनके USDT स्टेबलकॉइन (stablecoin) के लिए एक रिजर्व एसेट (reserve asset) के तौर पर काम करता है, बल्कि सीधे तौर पर उनके Tether Gold (XAUT) टोकन को भी सपोर्ट करता है। हर XAUT टोकन एक ट्रॉय औंस (troy ounce) फिजिकल गोल्ड का प्रतिनिधित्व करता है।टोकनाइज्ड गोल्ड मार्केट (tokenized gold market) भी तेज़ी से बढ़ा है, और फरवरी 2026 के मध्य तक इसका मार्केट कैपिटलाइज़ेशन (market capitalization) $6 बिलियन से ऊपर निकल गया था, जिसके 2026 में $15 बिलियन तक पहुँचने की उम्मीद है। Q4 2025 में इसका ट्रेडिंग वॉल्यूम ($126 बिलियन) तो ट्रेडिशनल गोल्ड ETFs के बराबर पहुँच गया था।
इसकी तुलना में, Circle जैसी स्टेबलकॉइन कंपनियाँ (stablecoin competitors) जो USDC जारी करती हैं, वे लगभग पूरी तरह से शॉर्ट-ड्यूरेशन US ट्रेज़रीज़ (US Treasuries) और रीपरचेस एग्रीमेंट्स (repurchase agreements) में अपना रिजर्व रखती हैं, और फिजिकल गोल्ड में उनका कोई खास निवेश नहीं है। Tether के कुल एसेट्स (total assets) 2025 के अंत तक $192 बिलियन से ज़्यादा थे, जिसमें US ट्रेज़रीज़ का हिस्सा लगभग $141 बिलियन था, जो एक डायवर्सिफाइड रिजर्व स्ट्रैटेजी (diversified reserve strategy) दिखाता है जिसमें अब बुलियन (bullion) का बड़ा योगदान है।
सवालों के घेरे में रिजर्व्स
इतने बड़े विस्तार के बावजूद, Tether के रिजर्व्स (reserves) हमेशा से जांच और विवादों के घेरे में रहे हैं। कंपनी को 2021 में CFTC से $41 मिलियन का जुर्माना भरना पड़ा था क्योंकि उन्होंने अपने रिजर्व्स के बारे में गलत जानकारी दी थी। न्यूयॉर्क अटॉर्नी जनरल (New York Attorney General) की पिछली जांचों में भी यह सामने आया था कि उनके रिजर्व्स हमेशा पूरी तरह से कैश-बैक (cash-backed) नहीं थे।हालांकि Tether अब BDO जैसी फर्म से तिमाही ऑडिट एटेस्टेशन्स (quarterly attestations) प्रदान करता है, लेकिन उन्होंने कभी भी किसी बिग फोर (Big Four) अकाउंटिंग फर्म से फुल ऑडिट (full audit) नहीं कराया है, जिससे उनके एसेट्स की असली कंपोजीशन (composition) और लिक्विडिटी (liquidity) पर लगातार सवाल उठते रहे हैं।
फिजिकल गोल्ड की ओर यह बदलाव, भले ही एसेट की क्वालिटी को मजबूत करता दिखे, लेकिन नई ऑपरेशनल कॉम्प्लेक्सिटीज़ (operational complexities) और रिस्क (risks) लाता है। फिजिकल बुलियन की विशाल मात्रा को एक सुरक्षित बंकर में स्टोर करने में लॉजिस्टिकल चुनौतियाँ (logistical challenges) और संभावित सिंगल पॉइंट ऑफ फेल्योर (single points of failure) हो सकते हैं, जो पूरी तरह से डिजिटल या शॉर्ट-टर्म ट्रेज़री होल्डिंग्स में नहीं होते।
इसके अलावा, सोने के बाजार मूल्य (market value) में ऐतिहासिक रूप से स्थिरता रही है, लेकिन यह काफी वोलेटाइल (volatile) भी हो सकता है। सोने की कीमत में तेज गिरावट Tether के एक्सेस रिजर्व्स ($6.3 बिलियन 2025 के अंत तक) को प्रभावित कर सकती है, जिससे मार्केट कॉन्फिडेंस (market confidence) पर असर पड़ सकता है। फिजिकल एसेट्स पर यह निर्भरता, और रिजर्व डिस्क्लोजर (reserve disclosures) के जटिल इतिहास के साथ, Tether की स्ट्रैटेजी को एक कैलकुलेटेड रिस्क (calculated risk) बनाती है, जो उनके कुछ साथियों के अधिक पारदर्शी, हालांकि कम यील्डिंग (lower-yielding), ट्रेज़री-बैक्ड मॉडल से बिल्कुल अलग है।
भविष्य की राह
Tether का इरादा अपने पोर्टफोलियो का 10%–15% फिजिकल गोल्ड में बनाए रखने का है, जिससे यह अनुमान लगाया जा सकता है कि वे ग्लोबल गोल्ड मार्केट (global gold market) में एक बड़े, भले ही अपरंपरागत, प्लेयर के तौर पर अपनी जगह और मज़बूत करेंगे। यह ट्रेंड यह संकेत देता है कि भविष्य में प्राइवेट डिजिटल फाइनेंस एंटिटीज़ (private digital finance entities) न केवल पारंपरिक एसेट मार्केट (traditional asset markets) को अपनाएंगी, बल्कि उन्हें सक्रिय रूप से आकार देंगी।टोकनाइज्ड कमोडिटीज़ (tokenized commodities) का लगातार बढ़ना रियल-वर्ल्ड एसेट्स (real-world assets) को ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी (blockchain technology) के साथ और एकीकृत करेगा, जिसमें सोना इस विस्तार का नेतृत्व करेगा।
