ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंध कम होने की खबरों को Donald Trump द्वारा सिरे से खारिज किए जाने के बाद क्रूड ऑयल की कीमतों में तेजी आई है। बेंचमार्क क्रूड **$103.43** के स्तर तक पहुंच गया है, जबकि घरेलू बाजार में MCX क्रूड फ्यूचर्स में मामूली गिरावट देखी गई है।
बाजार में हलचल की वजह
ग्लोबल एनर्जी मार्केट में बुधवार को उस समय हलचल बढ़ गई, जब पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को प्रतिबंधों में राहत देने की खबरों को अफवाह करार दिया। उनके इस बयान ने मार्केट की उम्मीदों पर पानी फेर दिया कि सप्लाई बढ़ने से तेल सस्ता होगा। नतीजतन, Brent Crude 0.82% बढ़कर $103.43 पर पहुंच गया, जबकि West Texas Intermediate (WTI) की कीमतें $89.77 के आसपास रहीं।
भारतीय बाजार का हाल
ग्लोबल मार्केट की तुलना में भारतीय बाजार का रिएक्शन थोड़ा अलग रहा। Multi Commodity Exchange (MCX) पर अक्टूबर क्रूड फ्यूचर्स 0.46% की गिरावट के साथ ₹8,638 पर कारोबार करता दिखा, वहीं नवंबर का वायदा अनुबंध ₹8,445 पर रहा। जानकारों का मानना है कि डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल घरेलू क्रूड कीमतों में इस अंतर का बड़ा कारण है।
मिडल ईस्ट का भू-राजनीतिक दबाव
मिडल ईस्ट में जारी तनाव को कम करने के लिए Qatar की मध्यस्थता जारी है, जो Washington और Tehran के बीच कूटनीतिक चैनल को बनाए रखने की कोशिश कर रही है। निवेशकों की नजर इस डिप्लोमेसी पर है क्योंकि यह तेल की कीमतों में मौजूद 'रिस्क प्रीमियम' को तय करती है।
सप्लाई की स्थिति और भविष्य
सप्लाई के मोर्चे पर राहत की बात यह है कि Saudi Arabia ने East-West पाइपलाइन और Yanbu पोर्ट पर कामकाज बहाल कर लिया है। सितंबर में वेस्ट एशियन क्रूड का निर्यात 16.328 मिलियन बैरल प्रति दिन स्थिर रहा है। हालांकि, मौजूदा हालात में इन्वेस्टर किसी भी तरह की सप्लाई बाधा के प्रति बहुत संवेदनशील हैं। ऐसे में तेल कंपनियों के शेयर और क्रूड की कीमतों में उतार-चढ़ाव आने वाले दिनों में मार्केट का मुख्य केंद्र बने रहेंगे।
