28 अगस्त 2026 को कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट देखी गई। बाजार इस खबर पर रिएक्ट कर रहे हैं कि अमेरिका और वेनेजुएला के बीच वहां के ऑयल फील्ड्स में लंबी अवधि की हिस्सेदारी और **100 साल** तक की लीज को लेकर बातचीत चल रही है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब अमेरिका का स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व **1982** के बाद के सबसे निचले स्तर पर है।
बाजार का हाल और सप्लाई डायनामिक्स
शुक्रवार को ग्लोबल मार्केट में ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स $88-$89 प्रति बैरल के दायरे में कारोबार कर रहा था, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) लगभग $83 प्रति बैरल पर बना हुआ था। घरेलू बाजार में भी मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर क्रूड फ्यूचर्स में गिरावट का ट्रेंड देखने को मिला।
क्यों अहम है यह डील?
अमेरिका अपने घटते हुए तेल भंडार को लेकर चिंतित है। अगस्त 2026 तक अमेरिका का स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व गिरकर लगभग 289.7 मिलियन बैरल रह गया है, जो 1982 के बाद का सबसे निचला स्तर है। हालांकि, अमेरिकी कंपनियां वेनेजुएला के साथ फिजिकल और लीगल टर्म्स को लेकर अभी भी उलझी हुई हैं, जिससे डील को लेकर निवेशक सतर्क हैं।
OPEC और अन्य जोखिम
अनिश्चितता का एक बड़ा कारण यह भी है कि वेनेजुएला अब OPEC से बाहर निकलने पर विचार कर रहा है। इसके अलावा, मिडिल ईस्ट में तनाव, विशेष रूप से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का गतिरोध और ईरान पर नए अमेरिकी प्रतिबंधों की आशंका ने सप्लाई रिस्क को काफी बढ़ा दिया है।
निवेशकों के लिए चेतावनी
विशेषज्ञों का मानना है कि भले ही वेनेजुएला के साथ डील हो जाए, वहां के जर्जर इंफ्रास्ट्रक्चर को सुधारने के लिए भारी-भरकम इन्वेस्टमेंट की जरूरत होगी। जब तक इन फील्ड्स में तकनीक और मेंटेनेंस पर काम नहीं होगा, ग्लोबल प्रोडक्शन पर इसका तुरंत बड़ा असर दिखना मुश्किल है।
