मेक्सिको की खाड़ी में उठ रहे तूफान के कारण अमेरिका में प्रोडक्शन पर संकट मंडरा रहा है, जिससे Crude Oil की कीमतों में तेजी आई है। वहीं, कम बॉन्ड यील्ड के चलते Gold की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं।
कच्चे तेल में क्यों आई तेजी?
अमेरिका के मेक्सिको की खाड़ी (Gulf of Mexico) में बन रहे एक संभावित तूफान ने मार्केट में हलचल मचा दी है। इस तूफान से अमेरिका के कुल क्रूड ऑयल प्रोडक्शन का करीब 15% और नेचुरल गैस आउटपुट का 5% प्रभावित होने का डर है। इसी के चलते Brent Crude 0.92% उछलकर $101.51 प्रति बैरल और WTI Crude $90.25 प्रति बैरल पर पहुंच गया है। सप्लाई को लेकर चिंताएं केवल तूफान तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सऊदी अरब में इंफ्रास्ट्रक्चर हमलों और 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' (Strait of Hormuz) में जारी भू-राजनीतिक तनाव ने भी आग में घी का काम किया है।
भारतीय निवेशकों पर क्या असर?
भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल आयात करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों का बढ़ना भारत के इंपोर्ट बिल (Import Bill) पर सीधा असर डालता है। इससे भारतीय रुपये (Rupee) पर दबाव बढ़ सकता है और लॉजिस्टिक्स, मैन्युफैक्चरिंग व ट्रांसपोर्ट जैसे सेक्टरों के लिए इनपुट कॉस्ट बढ़ सकती है, जो अंततः महंगाई का कारण बनती है।
सोने की चाल
उधर, Gold की कीमतें $4,165 प्रति औंस के आसपास स्थिर हैं। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट ने सोने को सहारा दिया है। इसके अलावा, फेडरल रिजर्व (Federal Reserve) द्वारा तत्काल बड़े ब्याज दर बढ़ोतरी (Interest Rate Hike) की उम्मीदें अब 20% से कम हो गई हैं, जिससे पीली धातु को स्थिरता मिली है।
अब निवेशकों की नजरें तूफान की तीव्रता और फेडरल रिजर्व के आगामी मिनट्स पर टिकी हैं, जो भविष्य की मॉनेटरी पॉलिसी के संकेत देंगे।
