सऊदी अरब की एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हूती हमलों के बाद Crude Oil की कीमतों में भारी हलचल है। Brent Crude **$103** प्रति बैरल तक पहुंच गया है, जिससे वैश्विक आपूर्ति बाधित होने का खतरा बढ़ गया है।
सऊदी अरब में एनर्जी ठिकानों पर हुए ड्रोन और मिसाइल हमलों के बाद से ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का रुख है। Brent Crude फ्यूचर्स बढ़कर लगभग $103 प्रति बैरल हो गया है, जबकि West Texas Intermediate (WTI) भी $91 प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा है। ट्रेडर्स में इस बात को लेकर गहरी चिंता है कि इन हमलों का असर तेल उत्पादन और ट्रांसपोर्ट पर कितना गहरा पड़ सकता है।
एनर्जी सप्लाई का संकट
मार्केट का पूरा ध्यान रियाद और खुरैस इलाके में मौजूद एनर्जी संपत्तियों की सुरक्षा पर टिका है। दुनिया का सबसे बड़ा तेल निर्यातक होने के नाते, सऊदी अरब में किसी भी तरह की रुकावट का सीधा असर वैश्विक कीमतों पर पड़ता है। इसके अलावा, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर भी तनाव बढ़ा है, जो समुद्री रास्ते से तेल सप्लाई का एक प्रमुख केंद्र है।
G7 की रणनीति
बढ़ती कीमतों पर काबू पाने के लिए G7 देश अपने इमरजेंसी स्टॉक से लगभग 100 मिलियन बैरल क्रूड और डीजल रिलीज करने की योजना बना रहे हैं। इसका मकसद मार्केट में लिक्विडिटी बढ़ाकर सप्लाई की कमी को पूरा करना है। निवेशकों के लिए अब स्थिति 'जियोपॉलिटिकल रिस्क' और 'सप्लाई-साइड इंटरवेंशन' के बीच एक कशमकश जैसी बन गई है।
भारतीय बाजार पर असर
भारत में Multi Commodity Exchange (MCX) पर भी इन अंतरराष्ट्रीय रुझानों का सीधा असर देखा जा रहा है। हालांकि, स्थानीय मांग और करेंसी में उतार-चढ़ाव के कारण भारतीय फ्यूचर्स में थोड़ी भिन्नता हो सकती है, लेकिन ग्लोबल क्रूड का ट्रेंड ही कमोडिटी बाजार की दिशा तय करता है। आने वाले दिनों में इंफ्रास्ट्रक्चर को हुए नुकसान और G7 देशों की तरफ से होने वाली सप्लाई पर हर किसी की नजर बनी रहेगी।
