17 अगस्त को कमोडिटी मार्केट में मिली-जुली शुरुआत देखने को मिली। ब्रेंट क्रूड $88.55 प्रति बैरल पर स्थिर रहा, जबकि सोना बढ़कर $4,370 प्रति औंस पर पहुंच गया। निवेशक अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और फेडरल रिजर्व की आगामी मीटिंग के मिनट्स का इंतजार कर रहे हैं। डॉलर के कमजोर होने से सोने को सहारा मिला है।
कच्चे तेल में रेंज-बाउंड कारोबार
17 अगस्त को कमोडिटी बाज़ारों में मिली-जुली चाल दिखी। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स में ज़्यादा बदलाव नहीं आया और यह $88.55 प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। वहीं, अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड फ्यूचर्स में 14 सेंट की मामूली गिरावट आई और यह $82.26 प्रति बैरल पर पहुंच गया। इन मामूली गिरावटों के बावजूद, तेल की कीमतों को सप्लाई से जुड़ी चिंताओं का सहारा मिल रहा है। भू-राजनीतिक तनाव, खासकर हॉरमुज जलडमरूमध्य और अमेरिका-ईरान के जटिल संबंधों के कारण, बाज़ार में सप्लाई में संभावित रुकावटों को लेकर सावधानी बनी हुई है। निवेशकों के लिए, तेल की कीमतों का इन स्तरों पर टिके रहना महत्वपूर्ण है क्योंकि ऊर्जा की लागत व्यापक महंगाई को सीधे तौर पर प्रभावित करती है, जो केंद्रीय बैंकों की नीतियों पर असर डालती है।
डॉलर की कमजोरी से सोने को सहारा
सोने की कीमतों में भी मजबूती दिखी और यह लगभग $4,370 प्रति औंस पर पहुंच गया, जो पिछले हफ्ते की बढ़त को जारी रखे हुए है। कीमती धातु को अमेरिकी डॉलर के कमजोर होने का फायदा मिल रहा है, जो 99.519 तक गिर गया और अपने मासिक निचले स्तर के करीब कारोबार कर रहा है। कमजोर डॉलर आमतौर पर सोने को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के लिए सस्ता बनाता है, जिससे मांग बढ़ती है। अन्य कीमती धातुओं में भी तेजी रही, चांदी 0.6% बढ़कर $65.08 प्रति औंस हो गई, और प्लैटिनम व पैलेडियम में भी बढ़त देखी गई।
आर्थिक आंकड़े और फेड की रणनीति
फिलहाल बाज़ार की चाल अमेरिका के मिले-जुले आर्थिक आंकड़ों से प्रभावित हो रही है, जिसमें खुदरा बिक्री (retail sales) और उपभोक्ता भावना (consumer sentiment) की रिपोर्टें शामिल हैं। ये उम्मीद से कमजोर आंकड़े आर्थिक दृष्टिकोण और फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों पर अगली चाल को लेकर अनिश्चितता पैदा कर रहे हैं। हालांकि ऊंची ऊर्जा लागत एक महंगाई का जोखिम बनी हुई है, कमजोर आर्थिक आंकड़ों ने तत्काल दर वृद्धि की उम्मीदों को कम कर दिया है। नीतिगत अनिश्चितता का यह माहौल आमतौर पर सोने जैसी गैर-उपज वाली संपत्तियों (non-yielding assets) के लिए फायदेमंद होता है, जो आर्थिक अनिश्चितता के समय में एक हेज (hedge) के रूप में काम करती है।
निवेशक अब 19 अगस्त, 2026 को जारी होने वाले फेडरल रिजर्व की मीटिंग के मिनट्स का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इन मिनट्स से केंद्रीय बैंक के मौजूदा आर्थिक संतुलन और संभावित नीतिगत बदलावों पर उनके दृष्टिकोण के बारे में और अधिक स्पष्टता मिलने की उम्मीद है। महंगाई का रास्ता और ब्याज दरों में समायोजन की गति आने वाले हफ्तों में ऊर्जा और कीमती धातुओं दोनों की कीमतों की चाल तय करने वाले प्राथमिक कारक बने रहेंगे।
