ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतें **$105** प्रति बैरल के नीचे फिसल गई हैं। US और Iran के बीच चल रही शांति वार्ता की खबरों से बाजार को राहत मिली है, जिसका सीधा असर InterGlobe Aviation और HPCL जैसे शेयरों पर दिखा है।
मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को भारतीय बाजार में रौनक दिखी, जिसकी मुख्य वजह ब्रेंट क्रूड का $105 प्रति बैरल के नीचे आना रहा। अमेरिका और ईरान के बीच आठ महीने से जारी विवाद को सुलझाने के लिए हो रही शांति वार्ता से कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आई है।\n\n### किन सेक्टरों को मिला बूस्ट?\n\nक्रूड की कीमतों में गिरावट का सबसे बड़ा फायदा एविएशन सेक्टर को होता है, क्योंकि किसी भी एयरलाइन का 40% से ज्यादा खर्च फ्यूल पर होता है। नतीजतन, InterGlobe Aviation (IndiGo) का शेयर करीब 4% उछलकर ₹5,120 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। वहीं, ऑयल मार्केटिंग कंपनी Hindustan Petroleum Corporation में 3.5% की तेजी देखी गई और यह ₹361 पर पहुंचा।\n\n### पेंट और टायर कंपनियों की चांदी\n\nसिर्फ एयरलाइंस ही नहीं, बल्कि जिन उद्योगों में क्रूड के डेरिवेटिव्स का इस्तेमाल होता है, वहां भी जोरदार एक्शन रहा। इसमें Asian Paints, Kansai Nerolac, Apollo Tyres और CEAT जैसे बड़े नाम शामिल हैं, जिनके शेयरों में 2% से 2.8% तक का उछाल आया।\n\n### निवेशकों के लिए चेतावनी\n\nबाजार में फिलहाल जो तेजी है, वह शांति वार्ता पर टिकी है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि यदि कतर द्वारा मध्यस्थता की जा रही यह वार्ता विफल होती है या तनाव फिर से बढ़ता है, तो कच्चे तेल की कीमतें फिर से बढ़ सकती हैं और यह 'पीस प्रीमियम' गायब हो सकता है। साथ ही, जहां कंज्यूमर सेक्टर खुश है, वहीं ONGC और Oil India जैसे अपस्ट्रीम उत्पादकों पर दबाव बढ़ सकता है, क्योंकि उनका मुनाफा क्रूड की बढ़ती कीमतों से जुड़ा होता है।
