Copper Futures: ₹1,400 के पास ट्रेड कर रहा कॉपर, सितंबर कॉन्ट्रैक्ट पर टिकी निवेशकों की नजर

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Copper Futures: ₹1,400 के पास ट्रेड कर रहा कॉपर, सितंबर कॉन्ट्रैक्ट पर टिकी निवेशकों की नजर

MCX पर कॉपर का सितंबर कॉन्ट्रैक्ट **₹1,400** के स्तर के पास कारोबार कर रहा है। अगस्त एक्सपायरी के करीब आते ही बाजार में सुस्त औद्योगिक मांग का दबाव भी देखने को मिल रहा है।

बाजार की मौजूदा स्थिति

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर कॉपर के भाव में उतार-चढ़ाव जारी है, क्योंकि बाजार अगस्त के एक्सपायर हो रहे कॉन्ट्रैक्ट से सितंबर डिलीवरी साइकिल की ओर शिफ्ट हो रहा है। सितंबर कॉन्ट्रैक्ट फिलहाल ₹1,400 के आसपास बना हुआ है, जिसे एनालिस्ट शॉर्ट-टर्म में एक बड़ा टेक्निकल बैरियर मान रहे हैं।

टेक्निकल चार्ट क्या कहते हैं?

टेक्निकल तौर पर देखें तो, कॉपर ₹1,365 के सपोर्ट लेवल पर काफी मजबूत दिख रहा है, जो फिलहाल 21-दिन के मूविंग एवरेज के साथ मेल खा रहा है। मार्केट जानकारों का मानना है कि अगर यह सितंबर कॉन्ट्रैक्ट ₹1,400 के ऊपर टिकने में कामयाब रहता है, तो यह ₹1,440 के टारगेट की ओर बढ़ सकता है। वहीं, अगर भाव ₹1,365 का सपोर्ट नहीं बचा पाया, तो कीमत ₹1,350 के अगले मजबूत आधार की तरफ फिसल सकती है।

फंडामेंटल चुनौतियां

टेक्निकल चार्ट्स के विपरीत, फंडामेंटल मोर्चे पर कॉपर के लिए स्थिति अभी भी सतर्कता वाली है। डोमेस्टिक मार्केट में औद्योगिक मांग का सुस्त होना कॉपर के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। चूंकि कॉपर का इस्तेमाल मैन्युफैक्चरिंग और कंस्ट्रक्शन में बड़े पैमाने पर होता है, इसलिए मांग में कमी इसके उछाल को सीमित कर रही है।

एक्सपायरी और रोलओवर का असर

31 अगस्त को अगस्त कॉन्ट्रैक्ट की एक्सपायरी से पहले ट्रेडर्स अपनी पोजीशन को 'रोलओवर' (rollover) कर रहे हैं, यानी वे पुराने कॉन्ट्रैक्ट्स को बंद करके सितंबर कॉन्ट्रैक्ट में नई पोजीशन बना रहे हैं। यह प्रक्रिया अक्सर कमोडिटी मार्केट में वॉलेटिलिटी बढ़ा देती है। निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि फ्यूचर्स ट्रेडिंग में मार्जिन रिक्वायरमेंट और ग्लोबल ट्रेड पॉलिसी जैसे जोखिम हमेशा बने रहते हैं, इसलिए ट्रेड करते समय सावधानी बरतें।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.