MCX अक्टूबर कॉपर कॉन्ट्रैक्ट फिलहाल ₹1,422 के आसपास ट्रेड कर रहा है। हालिया निचले स्तर ₹1,360 से रिकवरी के बाद, अब निवेशकों की नजर ₹1,432 के अहम रेजिस्टेंस लेवल पर टिकी है, जो इसकी आगे की दिशा तय करेगा।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर अक्टूबर महीने का कॉपर कॉन्ट्रैक्ट रिकवरी के संकेत दे रहा है। मेटल ने ₹1,360 के सपोर्ट जोन का सफलतापूर्वक बचाव किया है, जिससे ट्रेडर्स में नई उम्मीद जगी है। कमोडिटी मार्केट के जानकारों के लिए फिलहाल चार्ट पर दिख रहे टेक्निकल लेवल्स काफी महत्वपूर्ण हैं।
₹1,432 का रेजिस्टेंस लेवल क्यों है जरूरी?
कॉपर की कीमतें हाल ही में अपने 21-दिन और 50-दिन के मूविंग एवरेज के ऊपर निकली हैं, जो शॉर्ट-टर्म में मोमेंटम बदलने का संकेत है। हालांकि, तकनीकी नजरिए से ₹1,432 पर एक मजबूत रेजिस्टेंस बना हुआ है। अगर कॉपर फ्यूचर्स इस स्तर के ऊपर डेली क्लोजिंग देने में सफल रहते हैं, तो यह मजबूती का संकेत होगा और मेटल ₹1,480 के अगले टारगेट की ओर बढ़ सकता है।
दूसरी ओर, यदि यह बाधा पार नहीं होती है, तो कीमतों में कंसोलिडेशन या मामूली गिरावट देखने को मिल सकती है। ऐसी स्थिति में, ₹1,400 के पास मौजूद 21-दिवसीय मूविंग एवरेज दोबारा सपोर्ट का काम करेगा, जबकि पूरे ट्रेंड का बेस ₹1,360 पर बना हुआ है।
बाजार पर असर डालने वाले कारक
कॉपर एक इंडस्ट्रियल मेटल है, इसलिए इसकी कीमतें वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग डिमांड और स्पेकुलेटिव ट्रेडिंग वॉल्यूम के प्रति बेहद संवेदनशील रहती हैं। चूंकि सितंबर का कॉन्ट्रैक्ट 30 सितंबर को एक्सपायर हो रहा है, इसलिए ट्रेडर्स द्वारा अपनी पोजीशन को अगले महीने में रोलओवर करने के कारण बाजार में उतार-चढ़ाव (Volatility) बढ़ने की पूरी संभावना है। फिलहाल, निवेशकों की निगाहें केवल क्लोजिंग प्राइस पर हैं कि क्या कॉपर ₹1,432 के ऊपर टिक पाता है या फिर वापस ₹1,400 के सपोर्ट लेवल की तरफ लौटता है।
