Coonoor टी ऑक्शन में चाय की कीमतों में तेजी दर्ज की गई है। ब्लेंडर्स और एक्सपोर्टर्स की तगड़ी खरीदारी के चलते **95%** स्टॉक बिक गया, लेकिन नीलगिरी में बारिश की **55%** कमी भविष्य के प्रोडक्शन पर खतरा बनी हुई है।
डिमांड का दम और कीमतों में तेजी
Coonoor ऑक्शन सेंटर पर इस हफ्ते चाय की कीमतों में अच्छी बढ़त दिखी है। घरेलू ब्लेंडर्स और ग्लोबल एक्सपोर्टर्स के बीच मची खींचतान का असर यह रहा कि कुल 1.58 मिलियन किलो की पेशकश में से 95% चाय हाथों-हाथ बिक गई। CTC लीफ जैसी आम वैरायटी के दाम में ₹3 से ₹4 प्रति किलो तक की तेजी आई है, जबकि प्रीमियम क्वालिटी ने भी मार्केट में अपनी मजबूती बनाए रखी है।
क्या है सप्लाई का संकट?
भले ही अभी दाम अच्छे मिल रहे हों, लेकिन इंडस्ट्री के जानकार 'सप्लाई शॉक' को लेकर डरे हुए हैं। नीलगिरी के बागानों में इस बार 55% बारिश की कमी दर्ज की गई है। नमी न होने की वजह से ग्रीन लीफ का प्रोडक्शन घट रहा है। ऐसे में बड़ा जोखिम यह है कि अगर चाय का कुल वॉल्यूम गिरता है, तो बढ़ी हुई कीमतें भी मुनाफे में तब्दील नहीं हो पाएंगी।
निवेशकों के लिए सबक
टी और प्लांटेशन सेक्टर में केवल दाम बढ़ना ही काफी नहीं है, वॉल्यूम ग्रोथ भी उतनी ही मायने रखती है। उत्पादन कम होने से छोटे किसानों और प्लांटेशन कंपनियों पर इरिगेशन और मैनेजमेंट का खर्च बढ़ जाता है। फिलहाल, पूरी इंडस्ट्री की नजरें 'नॉर्थ ईस्ट मॉनसून' पर टिकी हैं। जब तक बारिश से मिट्टी और वाटर लेवल में सुधार नहीं होता, तब तक कीमतों में उतार-चढ़ाव (Volatility) जारी रहने की आशंका है।
