ग्लोबल सप्लाई घटने और ब्राजील में खराब मौसम की चिंताओं के कारण कॉफी के दाम **15.4%** तक उछल गए हैं। इस तेजी का असर भारत में किसानों की आय और लिस्टेड कॉफी कंपनियों के प्रॉफिट मार्जिन पर पड़ रहा है।
ग्लोबल मार्केट का हाल
जुलाई में कॉफी की कीमतों में 15.4% की बड़ी बढ़त दर्ज की गई है। International Coffee Organisation का इंडिकेटर प्राइस 287.26 US सेंट प्रति पाउंड तक पहुंच गया है। इस तेजी की मुख्य वजह ICE-सर्टिफाइड स्टॉक का गिरकर 2,24,000 बैग्स के स्तर पर आ जाना है, जो साल 2000 के बाद का सबसे निचला स्तर है। ब्राजील में प्रतिकूल मौसम ने इस वोलेटिलिटी को और बढ़ा दिया है।
भारतीय बाजार पर असर
भारत में इसका सीधा असर फार्म-गेट प्राइस पर दिख रहा है। Coffee Board के डेटा के अनुसार, अगस्त के अंत तक Arabica Parchment की कीमतें ₹24,600 से ₹25,100 प्रति 50 किलो बैग तक पहुंच गई हैं। किसानों के लिए यह कमाई का अच्छा मौका है, लेकिन CCL Products जैसी लिस्टेड कंपनियों के लिए यह एक चुनौतीपूर्ण स्थिति है। इन कंपनियों को बढ़ती प्रोक्योरमेंट कॉस्ट और इंटरनेशनल बायर्स से मिलने वाली कीमतों के बीच संतुलन बनाना होगा।
क्लाइमेट और रेगुलेटरी रिस्क
निवेशक अब 2027 तक जारी रहने वाले 'अल नीनो' (El Niño) पैटर्न पर नजर बनाए हुए हैं, जो भविष्य की पैदावार के लिए बड़ा रिस्क है। साथ ही, जनवरी 2027 से लागू होने वाले European Union Deforestation Regulation (EUDR) के चलते एक्सपोर्टर्स पर कंप्लायंस का बोझ बढ़ने की आशंका है, जिससे कंपनी के ऑपरेशंस पर अतिरिक्त दबाव आ सकता है।
