Citi की राय और एनालिस्ट्स में मतभेद
Citigroup ने Vedanta के शेयर को 'Buy' से 'Sell' रेटिंग देते हुए ₹265 का टारगेट प्राइस तय किया है। यह कदम कंपनी के हालिया रिकॉर्ड नतीजों और अन्य विश्लेषकों की सकारात्मक राय के बिल्कुल विपरीत है। जहाँ Citi जिंक की कीमतों में संभावित गिरावट और डिविडेंड पॉलिसी की अनिश्चितता पर ध्यान केंद्रित कर रही है, वहीं ज्यादातर दूसरे एनालिस्ट्स (Analysts) अभी भी शेयर को लेकर बुलिश (Bullish) हैं।
TipRanks के डेटा के अनुसार, वॉल स्ट्रीट (Wall Street) के एनालिस्ट्स की Vedanta पर मिली-जुली 'Moderate Buy' की राय है। वहीं, अन्य रिपोर्ट्स बताती हैं कि 11 एनालिस्ट्स 'Buy' की सलाह दे रहे हैं, 3 'Hold' की और कोई भी 'Sell' की सलाह नहीं दे रहा है। Vedanta (VDAN) के लिए औसत टारगेट प्राइस ₹820.50 से ₹864 के बीच है।
MarketsMOJO, जिसने फरवरी 2026 में रेटिंग को 'Hold' किया था, वह भी 29 अप्रैल 2026 तक Vedanta को 'Buy' ही रेट कर रहा है। कंपनी के Q4 FY26 के नतीजे, जो 5-6 मई 2026 के आसपास आए थे, शानदार थे। रेवेन्यू (Revenue) में 29% की सालाना बढ़ोतरी और EBITDA में 59% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। नेट डेट टू EBITDA (Net Debt to EBITDA) घटकर 0.95x हो गया। कंपनी ने 1 मई 2026 से एक बड़े रीस्ट्रक्चरिंग (Restructuring) के तहत खुद को पांच स्वतंत्र कंपनियों में बांटा है, जो इसकी ऑपरेशनल मजबूती को दर्शाता है।
जिंक की कीमतों पर Citi की चिंता
Citi की मुख्य चिंता Vedanta का जिंक मार्केट में बड़ा एक्सपोजर (Exposure) है, जो कंपनी के EBITDA का 90% से भी ज्यादा है। Citi का जिंक की कीमतों को लेकर नेगेटिव (Negative) आउटलुक (Outlook) एक बड़ा रिस्क है। 7 मई 2026 को LME जिंक की कीमतें लगभग $3,405.15/t पर थीं, जो 3½ साल के हाई (High) के करीब हैं। सप्लाई (Supply) टाइट (Tight) होने और चीन के बाहर इन्वेंटरी (Inventory) गिरने से कीमतों को सपोर्ट मिल रहा है।
हालांकि, फोरकास्ट (Forecast) बताते हैं कि कीमतों में नरमी आ सकती है। Trading Economics के अनुसार, कीमतें इस तिमाही के अंत तक $3,373.74/t और 12 महीने में $3,548.23/t तक जा सकती हैं। कुछ एनालिस्ट्स मानते हैं कि कीमतें $3,000/t के आसपास रहेंगी, जबकि कुछ 2026 में सप्लाई बढ़ने पर गिरावट की आशंका जता रहे हैं। यह मिश्रित आउटलुक एक जटिल स्थिति पैदा करता है, जहाँ तत्काल टाइटनेस कीमतों को सहारा दे रही है, लेकिन भविष्य में सप्लाई बढ़ने और डिमांड (Demand) में कमी आने का जोखिम Citi उठा रही है। जिंक पर Vedanta की भारी निर्भरता इसे किसी भी गिरावट के प्रति संवेदनशील बनाती है।
डिविडेंड पॉलिसी में बदलाव और निवेशक
Citi की रिपोर्ट में एक और अहम कारण डिविडेंड पॉलिसी में बदलाव है। कंपनी की डिविडेंड पॉलिसी अब पुराने डिस्ट्रिब्यूशन फ्रेमवर्क से नहीं जुड़ी है, जिससे कैपिटल एलोकेशन (Capital Allocation) को लेकर अनिश्चितता पैदा हो गई है। पहले, Vedanta अपनी लगातार डिविडेंड पेमेंट के कारण इनकम-फोक्स्ड (Income-Focused) निवेशकों के बीच लोकप्रिय थी। डिविडेंड पॉलिसी में यह बदलाव इस वर्ग के लिए निवेश का एक अहम कारण खत्म कर देता है। यह बदलाव कंपनी के पांच स्वतंत्र इकाइयों में रीस्ट्रक्चरिंग के साथ मेल खाता है, जो एक एकीकृत दृष्टिकोण के बजाय हर बिजनेस वर्टिकल (Business Vertical) के लिए फोकस वैल्यू क्रिएशन (Value Creation) की ओर इशारा करता है। इस बदलाव से इनकम-फोक्स्ड निवेशक अपनी होल्डिंग्स (Holdings) पर दोबारा विचार कर सकते हैं।
वैल्यूएशन और स्ट्रक्चरल रिस्क
जिंक कीमतों और डिविडेंड पॉलिसी के अलावा, Citi के बेयर केस (Bear Case) में Vedanta के वैल्यूएशन (Valuation) और स्ट्रक्चरल पोजीशनिंग (Structural Positioning) पर भी विचार किया गया है। Vedanta का P/E रेश्यो (TTM) 4.93 और 30.0 के बीच रहा है, जिसमें हालिया कोट 19.40 (6 मई 2026 तक) था। पीयर (Peer) Hindustan Zinc का P/E रेश्यो लगभग 18-20 है, जो सेक्टर एवरेज 32.43 से नीचे है। Rio Tinto और BHP Group का P/E रेश्यो 16-21 की रेंज में है।
Citi का मानना है कि वर्तमान LME जिंक कीमतों पर Vedanta का वैल्यूएशन फेयर (Fair) है, जिसमें बड़े अपसाइड (Upside) की गुंजाइश कम है। हालांकि, MarketsMOJO ने PEG रेश्यो 0.6 के साथ वैल्यूएशन को 'फेयर' बताया था, जो अंडरवैल्यूएशन (Undervaluation) का संकेत देता है। कंपनी का रीस्ट्रक्चरिंग, जिसका मकसद वैल्यू अनलॉक करना है, कॉम्प्लेक्सिटी (Complexity) और एग्जीक्यूशन रिस्क (Execution Risk) भी लाता है। BHP या Rio Tinto जैसी डाइवर्सिफाइड (Diversified) कंपनियों के विपरीत, Vedanta का कमोडिटी (Commodity) पर, खासकर जिंक पर निर्भरता, इसे कमोडिटी-स्पेसिफिक डाउनटर्न (Downturn) के प्रति अधिक संवेदनशील बनाती है।
आगे क्या: रीस्ट्रक्चरिंग और बाजार की प्रतिक्रिया
Vedanta के शेयरों का भविष्य अब काफी हद तक Citi की डाउनग्रेडिंग पर बाजार की प्रतिक्रिया पर निर्भर करेगा, खासकर मजबूत वित्तीय नतीजों और कॉर्पोरेट परिवर्तन के बीच। इसकी पांच डीमर्ज्ड (Demerged) कंपनियों की सफल लिस्टिंग, जो जून 2026 के मध्य तक अपेक्षित है, एक अहम घटना होगी। बाजार इन स्वतंत्र व्यवसायों के प्रदर्शन और वैल्यूएशन पर बारीकी से नजर रखेगा। Citi की 'Sell' रेटिंग एक बियरिश (Bearish) काउंटरपॉइंट (Counterpoint) प्रदान करती है, जबकि मौजूदा एनालिस्ट सेंटीमेंट (Sentiment) में काफी प्राइस टारगेट के साथ ऑप्टिमिज्म (Optimism) बना हुआ है। कंपनी का स्ट्रैटेजिक शिफ्ट (Strategic Shift) एक इनकम स्टॉक के रूप में अपनी पहचान से दूर जाने और विशेष वर्टिकल के भीतर ऑपरेशनल एफिशिएंसी (Operational Efficiency) और वैल्यू क्रिएशन का लक्ष्य रखने का संकेत देता है। यह परिवर्तन, कमोडिटी कीमतों की अस्थिरता और Citi द्वारा उठाए गए जोखिमों के साथ मिलकर, Vedanta के विकसित होते बिजनेस मॉडल (Business Model) पर बढ़े हुए फोकस की अवधि का सुझाव देता है।
