कीमतों में उछाल से मुनाफे को मिली रफ्तार
चीन के औद्योगिक क्षेत्र के मुनाफे में मार्च में पिछले साल की तुलना में 15.8% का इजाफा हुआ है। यह पहले दो महीनों में देखे गए 15.2% की बढ़ोतरी से काफी तेज है। वहीं, पहली तिमाही (Q1) की बात करें तो मुनाफे में 15.5% की जोरदार वृद्धि दर्ज की गई, जो इकोनॉमिस्ट्स (Economists) की उम्मीदों से भी बेहतर है। इस शानदार परफॉर्मेंस के पीछे मुख्य वजह प्रोड्यूसर प्राइस (Producer Price) में आई रिकवरी को माना जा रहा है, जिसने साढ़े तीन साल के डिफ्लेशन (Deflation) यानी कीमतों में गिरावट के दौर का अंत कर दिया है।
अपस्ट्रीम सेक्टर्स चमके, डाउनस्ट्रीम पर दबाव
खासकर तेल और मेटल जैसी कमोडिटीज (Commodities) के फैक्ट्री गेट प्राइस (Factory Gate Price) में बढ़ोतरी ने माइनिंग और रिसोर्स एक्सट्रैक्शन (Resource Extraction) जैसे अपस्ट्रीम सेक्टर्स (Upstream Sectors) की कमाई को सीधे तौर पर बढ़ाया है। भू-राजनीतिक तनावों के बीच बढ़ती कमोडिटी की कीमतें इन उद्योगों के लिए फायदेमंद साबित हो रही हैं। इसके विपरीत, कंज्यूमर-फेसिंग इंडस्ट्रीज (Consumer-facing Industries) के लिए स्थिति थोड़ी चुनौतीपूर्ण है। इन कंपनियों को बढ़ती रॉ मैटेरियल (Raw Material) की लागत से जूझना पड़ रहा है और वे इन बढ़ी हुई कीमतों का बोझ ग्राहकों पर डालने में मुश्किल महसूस कर रही हैं, जिससे उनके मार्जिन (Margins) पर दबाव बन रहा है।
आगे की राह डोमेस्टिक डिमांड पर निर्भर
हालांकि, हाई ऑयल प्राइसेज (High Oil Prices) प्रोड्यूसर प्राइस इन्फ्लेशन (Producer Price Inflation) को बनाए रख सकते हैं, लेकिन वे ओवरऑल फैक्ट्री आउटपुट (Factory Output) पर भी असर डाल सकते हैं। विश्लेषकों का अनुमान है कि डोमेस्टिक डिमांड (Domestic Demand) में कोई बड़ी तेजी न आने की सूरत में आने वाले महीनों में इंडस्ट्रियल प्रॉफिट ग्रोथ (Industrial Profit Growth) धीमी पड़ सकती है। महामारी के बाद से चीन का इंडस्ट्रियल सेक्टर मजबूत एक्सपोर्ट परफॉरमेंस (Export Performance) के दम पर इकोनॉमिक ग्रोथ का अहम हिस्सा रहा है। हालांकि, लगातार प्रतिस्पर्धा और ओवरकैपेसिटी (Overcapacity) के चलते पिछले कुछ समय से प्रॉफिट पर दबाव था, जो हालिया तेजी से कुछ हद तक कम हुआ है। मौजूदा प्राइस डायनामिक्स (Price Dynamics) कमोडिटी-संचालित लाभ और डोमेस्टिक डिमांड की संभावित कमजोरी के बीच एक जटिल तस्वीर पेश कर रहे हैं।
