People's Bank of China ने अगस्त में अपने गोल्ड रिजर्व में **650,000 औंस** सोना जोड़ा है। लगातार **22** महीनों से जारी इस खरीदारी से साफ है कि चीन डॉलर पर अपनी निर्भरता कम करने के लिए सोने को सुरक्षित ठिकाना मान रहा है।
चीन की स्ट्रैटेजी और रिजर्व का आंकड़ा
People's Bank of China (PBOC) का गोल्ड के प्रति जुनून थमने का नाम नहीं ले रहा है। अगस्त में 650,000 औंस सोने की ताजा खरीदारी के बाद, चीन का कुल गोल्ड रिजर्व अब 7.67 करोड़ औंस के स्तर पर पहुंच गया है। इसका कुल वैल्यूएशन लगभग $350.08 बिलियन आंका गया है। यह अक्टूबर 2023 के बाद से एक महीने में की गई अब तक की सबसे बड़ी खरीदारी है।
क्यों बढ़ रही है सोने की मांग?
दुनिया भर के सेंट्रल बैंक डॉलर पर अपनी निर्भरता घटाने के लिए तेजी से गोल्ड की ओर शिफ्ट हो रहे हैं। जियो-पॉलिटिकल जोखिमों को कम करने और पोर्टफोलियो को डायवर्सिफाई करने के लिए सोना एक 'हेडिंग टूल' के तौर पर काम कर रहा है। सोने की इसी मांग ने ग्लोबल बुलियन मार्केट में कीमतों को 10% का रिकवरी सपोर्ट दिया है।
निवेशकों के लिए चुनौतियां
हालाँकि सेंट्रल बैंक की खरीदारी से सोने को एक 'प्राइस फ्लोर' (Price Floor) मिला है, लेकिन मार्केट में जोखिम अभी भी मौजूद हैं। हाई इंटरेस्ट रेट्स और अमेरिका के Federal Reserve की पॉलिसी सोने की चमक पर असर डाल सकती हैं। चूंकि सोने पर कोई रेगुलर डिविडेंड नहीं मिलता, इसलिए हाई बॉन्ड यील्ड के दौर में निवेशक अक्सर सुरक्षित सरकारी बॉन्ड्स की ओर खिंचे चले जाते हैं। इसके अलावा, मार्केट एक्सपर्ट्स चीन के आधिकारिक आंकड़ों की पारदर्शिता पर भी अक्सर सवाल उठाते रहे हैं।
