बैटरी रीसाइकिलिंग कंपनी Bridge Green Upcycle ने Hartree Partners के साथ एक ऐतिहासिक डील की है। इस करार के तहत कंपनी हर साल **10,000 टन** लिथियम कार्बोनेट की सप्लाई करेगी, जिसकी वैल्यू **$1 बिलियन** तक आंकी गई है।
बड़ी डील और प्रोडक्शन की टाइमलाइन
Bridge Green Upcycle ने कमोडिटी ट्रेडर Hartree Partners के साथ एक लंबी अवधि का कमर्शियल कॉन्ट्रैक्ट साइन किया है, जिसकी वैल्यू $500 मिलियन से लेकर $1 बिलियन के बीच है। यह समझौता 8 साल के लिए है, जिसे बाद में 7 साल तक और बढ़ाया जा सकता है। इस डील के तहत साल 2028 से सप्लाई शुरू की जाएगी।
चेन्नई प्लांट का विस्तार
कंपनी अपने चेन्नई स्थित फैसिलिटी का विस्तार कर रही है, जहां वह लिथियम-आयन बैटरी से मिनरल निकालने का काम करती है। मौजूदा कैपेसिटी 7,200 टन प्रति वर्ष है, जिसे डील की शर्तों को पूरा करने के लिए 10,000 टन तक ले जाया जाएगा।
स्ट्रैटेजिक निवेश और प्रोजेक्ट वॉल्ट
सप्लाई एग्रीमेंट के अलावा, Hartree Partners ने Bridge Green में इक्विटी निवेश भी किया है। यह कदम Hartree के 'Project Vault' का हिस्सा है, जो दुनिया भर में क्रिटिकल मिनरल्स के भंडार सुरक्षित करने के लिए शुरू किया गया एक बड़ा इनिशिएटिव है।
निवेशकों के लिए चेतावनी (Watchlist)
हालाँकि यह खबर दमदार है, लेकिन साल 2028 की डेडलाइन को देखते हुए कंपनी के सामने बड़े एग्जीक्यूशन चैलेंज हैं। निवेशकों को चेन्नई प्लांट के विस्तार और टेक्नोलॉजी स्केलिंग पर नजर रखनी चाहिए। साथ ही, लिथियम की ग्लोबल कीमतों में उतार-चढ़ाव सीधे इस प्रोजेक्ट के प्रॉफिट मार्जिन को प्रभावित कर सकते हैं।
