सऊदी अरब की एक रिफाइनरी पर मिसाइल हमले के बाद Brent Crude की कीमतें उछलकर **$115.36** प्रति बैरल पहुंच गई हैं। इस हलचल का सीधा असर भारतीय रुपये और घरेलू शेयर बाजार पर दिख रहा है, जहां निवेशक US फेडरल रिजर्व के फैसले का इंतजार कर रहे हैं।
सप्लाई चेन पर संकट का साया
सऊदी अरब की जिस रिफाइनरी को हुती विद्रोहियों ने निशाना बनाया है, वह रोजाना करीब 5,50,000 बैरल तेल प्रोसेस करती है। इस हमले के बाद ग्लोबल एनर्जी सप्लाई को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है। भारत जैसे देशों के लिए यह चिंता की बात है क्योंकि कच्चा तेल महंगा होने से न केवल आयात बिल बढ़ता है, बल्कि देश में महंगाई का खतरा भी गहरा जाता है।
भारतीय रुपये और बाजार पर दबाव
इस भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारतीय रुपया 95.07 प्रति डॉलर के स्तर पर कारोबार कर रहा है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के हस्तक्षेप के बावजूद, रुपया पिछले तीन दिनों में 77 पैसे तक टूट चुका है। रुपये की कमजोरी से आयात महंगा हो रहा है, जिसका असर उन कंपनियों के मार्जिन पर पड़ेगा जो कच्चे माल के लिए आयात पर निर्भर हैं।
मार्केट का मूड
शेयर बाजार में निवेशकों ने आज सावधानी का रुख अपनाया। BSE Sensex 8.08 अंक गिरकर 73,598.67 पर और Nifty 50 3.45 अंक फिसलकर 22,749.75 पर बंद हुआ। बैंकिंग और आईटी सेक्टर में निवेशकों ने मुनाफावसूली की। अब बाजार की नजरें US फेडरल रिजर्व की आगामी पॉलिसी बैठक पर टिकी हैं, जहां ब्याज दरों को लेकर लिए जाने वाले फैसले से बाजार की आगे की दिशा तय होगी।
