मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच सप्लाई चेन को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं, जिससे Brent Crude की कीमतें **$107** प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं। वहीं, US Federal Reserve के सख्त रुख के संकेत से सोने की चाल सुस्त है।
कच्चे तेल में क्यों है उबाल?
मिडिल ईस्ट में भू-राजनीतिक (Geopolitical) तनाव फिर से गहरा गया है। हूती विद्रोहियों की गतिविधियों के कारण ऊर्जा आपूर्ति के प्रमुख मार्गों, खासकर 'होरमुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) को लेकर डर पैदा हो गया है। इस तनाव की वजह से Brent Crude चढ़कर $107 प्रति बैरल पर पहुंच गया है, जबकि WTI क्रूड $95 के स्तर के आसपास ट्रेड कर रहा है। इन्वेस्टर्स की नजर इन सप्लाई रूटों पर है, क्योंकि कोई भी बड़ी बाधा ग्लोबल एनर्जी सप्लाई को झटका दे सकती है।
गोल्ड पर फेडरल रिजर्व का दबाव
जहां क्रूड ऑयल में तेजी है, वहीं कीमती धातुओं के लिए परिस्थितियां थोड़ी अलग हैं। सोना $4,155 प्रति औंस के आसपास स्थिर बना हुआ है। US Federal Reserve के अधिकारियों के हालिया बयानों ने मार्केट में चिंता बढ़ा दी है। साल 2026 में ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की संभावना ने सोने की तेजी पर ब्रेक लगा दिया है, क्योंकि ऊंची ब्याज दरों के माहौल में सोने जैसे नॉन-यील्डिंग एसेट्स का आकर्षण कम हो जाता है। सिल्वर, प्लेटिनम और पैलेडियम भी सीमित दायरे में कारोबार कर रहे हैं।
आगे क्या होगा?
फिलहाल मार्केट में सप्लाई साइड के रिस्क और अमेरिकी सेंट्रल बैंक की मौद्रिक नीति (Monetary Policy) के बीच खींचतान चल रही है। अब सभी की नजरें आने वाले US Consumer Price Index (CPI) डेटा पर टिकी हैं। यह डेटा बताएगा कि महंगाई कितनी गंभीर है और क्या फेडरल रिजर्व को ब्याज दरें ऊंची बनाए रखनी पड़ेंगी। ग्लोबल करेंसी मार्केट में डॉलर इंडेक्स में हल्की नरमी जरूर देखी गई है, लेकिन क्रूड और गोल्ड की दिशा मिडिल ईस्ट के घटनाक्रम और अमेरिकी इकोनॉमी के आंकड़ों पर निर्भर करेगी।
