होरमुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में तेल टैंकरों पर हमलों के बाद Brent Crude की कीमतें **$100** प्रति बैरल के स्तर को पार कर गई हैं। इस घटना से ग्लोबल सप्लाई चेन पर संकट गहरा गया है, जिसका सीधा असर भारत जैसे देशों पर महंगाई के रूप में पड़ सकता है।
बाजार में मची हलचल\n\nशुक्रवार को ग्लोबल एनर्जी मार्केट में जबरदस्त उथल-पुथल देखने को मिली। Brent Crude फ्यूचर्स ने $100 प्रति बैरल का महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर तोड़ दिया है। इसकी मुख्य वजह मध्य-पूर्व का होरमुज जलडमरूमध्य है, जो दुनिया भर में तेल और नेचुरल गैस सप्लाई का सबसे बड़ा रास्ता माना जाता है। वहां तेल टैंकरों पर हुए सुरक्षा हमलों ने मार्केट का सेंटीमेंट बिगाड़ दिया है।\n\n### क्या है पूरा मामला?\n\nयूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस के मुताबिक, 1 नवंबर 2026 से लगातार कई टैंकरों को निशाना बनाया जा रहा है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने दावा किया है कि कुछ जहाजों में आग लगी है। इस तनाव ने हफ्ते की शुरुआत में अमेरिकी मिड-टर्म इलेक्शन के बाद आई गिरावट को पूरी तरह खत्म कर दिया है।\n\n### भारत पर क्या होगा असर?\n\nभारत अपनी ज्यादातर ऊर्जा जरूरतों के लिए क्रूड ऑयल के आयात पर निर्भर है। तेल की कीमतों में यह उछाल ऑयल मार्केटिंग कंपनियों की इनपुट कॉस्ट को सीधे बढ़ाएगा, जिससे आने वाले दिनों में देश के भीतर महंगाई का दबाव बढ़ सकता है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर भी इसके असर से नवंबर कॉन्ट्रैक्ट्स में अच्छी खासी तेजी देखी गई है।\n\n### आगे की चुनौतियां\n\nफिलहाल इन्वेस्टर्स इस बात को लेकर चिंतित हैं कि अगर सुरक्षा हालात और बिगड़े, तो जहाजों का इंश्योरेंस प्रीमियम और फ्रेट कॉस्ट (माल ढुलाई का खर्च) काफी महंगा हो सकता है। फिलहाल कूटनीतिक स्तर पर बातचीत जारी है, लेकिन मार्केट की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या समुद्री रास्ते सुरक्षित हो पाएंगे या सप्लाई चेन में रुकावट और लंबी खिंचेगी।