Brent Crude के दाम में **2%** से ज्यादा की गिरावट आई है और यह **$101.62** पर पहुंच गया है। अमेरिका और ईरान के बीच संभावित कूटनीतिक बातचीत की खबरों से मार्केट में राहत है, जो भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक अच्छा संकेत हो सकता है।
ग्लोबल मार्केट में सुस्ती
सोमवार को ग्लोबल एनर्जी मार्केट में दबाव देखने को मिला। Brent Crude के दाम 2% गिरकर $101.62 प्रति बैरल पर आ गए, वहीं WTI फ्यूचर्स भी 2.27% की गिरावट के साथ $98.02 पर ट्रेड कर रहे हैं। इस गिरावट के पीछे सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली संभावित कूटनीतिक चर्चाओं की उम्मीद है, जिससे वेस्ट एशिया में तनाव कम होने की संभावना जताई जा रही है।
UNGA बैठक का असर
मार्केट का पूरा फोकस न्यूयॉर्क में होने वाली United Nations General Assembly पर है। ऐसी उम्मीदें हैं कि वाशिंगटन और तेहरान के बीच संवाद से आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) जैसे महत्वपूर्ण रूट सुरक्षित हो सकते हैं, जिससे तेल की कीमतों में स्थिरता आ सकती है।
भारत पर क्या होगा असर?
भारत अपनी कुल जरूरत का लगभग 85% कच्चा तेल आयात करता है। तेल की कीमतों में गिरावट से न केवल इंपोर्ट बिल कम होगा, बल्कि करंट अकाउंट डेफिसिट (CAD) में सुधार और महंगाई पर लगाम लगने की उम्मीद है। इसका सीधा फायदा Indian Oil Corporation, BPCL, और HPCL जैसी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को मिलता है, क्योंकि कच्चे माल की लागत कम होने से उनके प्रॉफिट मार्जिन में इजाफा होता है।
कमोडिटी मार्केट का हाल
घरेलू बाजार यानी MCX पर भी इसका असर साफ है। सितंबर डिलीवरी के लिए क्रूड ऑयल कॉन्ट्रैक्ट ₹9,400 पर ट्रेड कर रहे हैं, जो पिछले क्लोज से 2.68% नीचे हैं। वहीं अक्टूबर फ्यूचर्स 2.30% गिरकर ₹9,011 के स्तर पर आ गए हैं। हालांकि, हुती विद्रोहियों द्वारा सऊदी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों की खबरें अभी भी बनी हुई हैं, इसलिए मार्केट अभी पूरी तरह से रिस्क-फ्री नहीं हुआ है।
