भारत की दाल सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। साल 2026 के अंत तक Brazil से अरहर (Tur) दाल का आयात शुरू हो जाएगा, जिससे **20,000** से **30,000** टन दाल की सप्लाई मिलने की उम्मीद है।
ब्राजील से बढ़ेगा दाल का विकल्प
भारत के लिए अरहर दाल का एक नया सोर्स खुल रहा है। साल 2026 के अक्टूबर-नवंबर महीने से Brazil भारत को दाल की पहली खेप भेजना शुरू करेगा। शुरुआत में यह मात्रा 20,000 से 30,000 टन के बीच रहने का अनुमान है, जो भारत की सप्लाई चेन को डायवर्सिफाई करने में मदद करेगा। याद रहे, इससे पहले Brazil ने ब्लैक माटे (Black Matpe) बाजार में अपनी एंट्री सफलतापूर्वक दर्ज कराई थी, जिसे अब दालों के व्यापार तक बढ़ाया जा रहा है।
क्यों पड़ रही है जरूरत?
देश में अरहर की खेती का एरिया बढ़कर 47.25 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है, लेकिन मानसून की कमी के चलते कर्नाटक और महाराष्ट्र जैसे प्रमुख उत्पादक राज्यों में सूखे जैसे हालात हैं। इसी चिंता के कारण हालिया ट्रेडिंग सेशंस में दालों की कीमतों में प्रति क्विंटल ₹50 से ₹100 तक का उछाल देखने को मिला है।
आयात पर निर्भरता और चुनौतियां
भारत अपनी घरेलू जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर है। चालू फाइनेंशियल ईयर के पहले 7 महीनों में कुल अरहर का आयात 44% बढ़कर 5.79 लाख टन तक पहुंच गया है। अभी मोजाम्बिक 2.18 लाख टन के साथ सबसे बड़ा सप्लायर है, जिसके बाद म्यांमार और तंजानिया का नंबर आता है।
ब्राजील के साथ यह पार्टनरशिप भारत के लिए स्ट्रैटेजिक है क्योंकि यह भविष्य में प्राइस शॉक और सप्लाई में कमी के रिस्क को कम करेगी। निवेशकों और ट्रेडर्स की नजर अब इस बात पर है कि क्या ब्राजील से आने वाली यह खेप घरेलू पैदावार में हो रही गिरावट की भरपाई कर पाएगी या नहीं। आने वाले हफ्तों में मौसम के मिजाज और अंतिम पैदावार के आंकड़े तय करेंगे कि क्या महंगाई पर लगाम लग पाएगी।
