ब्राजील की सीनेट ने क्रिटिकल मिनरल्स (Critical Minerals) के लिए एक बड़ा बिल पास किया है, जिसका लक्ष्य देश को ग्लोबल प्रोसेसिंग हब बनाना है। इस नई नीति में **7 अरब रियल** के फंड और टैक्स इंसेंटिव का प्रावधान है, जिससे चीन पर निर्भरता कम हो सके।
चीन के एकाधिकार को चुनौती
ब्राजील की सीनेट ने 2 सितंबर, 2026 को एक ऐतिहासिक बिल को मंजूरी दी है, जो देश को महज कच्चे माल का निर्यातक बने रहने के बजाय एक ग्लोबल प्रोसेसिंग हब के रूप में स्थापित करेगा। अब बस राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा के हस्ताक्षर बाकी हैं। इस बिल का सीधा असर इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) बैटरी, एयरोस्पेस और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर पर पड़ेगा।
इंसेंटिव और फंड का जाल
सरकार ने माइनिंग प्रोजेक्ट्स के लिए 2 अरब रियल का गारंटी फंड और घरेलू प्रोसेसिंग के लिए 5 अरब रियल का टैक्स क्रेडिट देने का फैसला किया है। यह कदम चीन के ग्लोबल सप्लाई चेन पर दबदबे को चुनौती देने के लिए उठाया गया है, ताकि भारत और पश्चिमी देशों के लिए एक नया और विश्वसनीय विकल्प तैयार हो सके।
प्राइवेट सेक्टर की हलचल
इस बदलाव के बीच बड़ी कॉरपोरेट डील्स भी हो रही हैं। अप्रैल 2026 में USA Rare Earth ने ब्राजील के Serra Verde Group को 2.8 अरब डॉलर में खरीदने का करार किया। Serra Verde का Pela Ema माइन, नियोडिमियम और डिस्प्रोसियम जैसे जरूरी मिनरल्स का बड़ा उत्पादक है, जो माइन-टू-मैग्नेट सप्लाई चेन को मजबूती देगा।
पर्यावरण और गवर्नेंस की चुनौती
हालांकि सरकार इसे एक बड़ी उपलब्धि बता रही है, लेकिन Climate Observatory जैसे संगठनों ने अमेजन के संवेदनशील इलाकों में माइनिंग बढ़ने का डर जताया है। इसके अलावा, नए 'नेशनल काउंसिल फॉर द इंडस्ट्रियलाइजेशन ऑफ क्रिटिकल एंड स्ट्रैटेजिक मिनरल्स' के गठन को लेकर निवेशकों में चिंता है। जानकारों का कहना है कि अगर यह काउंसिल बहुत ज्यादा कंट्रोल रखती है, तो प्राइवेट इन्वेस्टमेंट की राह में बाधाएं आ सकती हैं। अब बाजार की नजरें इस काउंसिल के कामकाज और प्रोजेक्ट्स की प्राथमिकताओं पर टिकी हैं।
