त्योहारी सीजन में Black Pepper की कीमतों में तेजी का दौर जारी है। बीते तीन हफ्तों में भाव **₹16** प्रति किलो बढ़े हैं। हालांकि, जानकारों का कहना है कि निवेशकों को ग्लोबल सप्लाई पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कम कीमतों से घरेलू तेजी पर लगाम लग सकती है।
त्योहारी सीजन में डिमांड बढ़ने की वजह से घरेलू बाजार में काली मिर्च की कीमतों में जबरदस्त हलचल है। पिछले 3 हफ्तों में कीमतों में ₹16 प्रति किलो की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कोच्चि मार्केट में फिलहाल फार्म-ग्रेड अनगर्बल्ड (Ungarbled) काली मिर्च ₹720 प्रति किलो और गार्बल्ड (Garbled) काली मिर्च ₹740 प्रति किलो के भाव पर कारोबार कर रही है।
सप्लायर्स की रणनीति और मार्केट का दबाव
कीमतों में इस उछाल के पीछे बड़ी वजह सप्लाई का सीमित होना है। बड़े सप्लायर्स ने अपना स्टॉक रोक रखा है, उन्हें उम्मीद है कि दाम और ऊपर जाएंगे। टर्मिनल मार्केट में 36 टन की आवक के बावजूद बाजार में माल की कमी बनी हुई है, क्योंकि ट्रेडर्स अपने फॉरवर्ड कॉन्ट्रैक्ट्स को पूरा करने के लिए होड़ में लगे हुए हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार से चुनौती
भारत में काली मिर्च का भाव लगभग $7,825 प्रति टन के स्तर पर है, जो ग्लोबल बेंचमार्क के मुकाबले काफी महंगा है। यह गैप आयातकों के लिए फायदेमंद है, यही कारण है कि घरेलू मांग को पूरा करने के लिए श्रीलंका से काली मिर्च का आयात किया जा रहा है।
क्या आगे सस्ता होगा भाव?
आने वाले समय में ब्राजील, इंडोनेशिया और वियतनाम में हार्वेस्टिंग सीजन शुरू होने वाला है। ब्राजील में दाम $6,000 प्रति टन के नीचे हैं, जबकि वियतनाम और इंडोनेशिया में भी भाव $6,000 से $6,500 प्रति टन के आसपास बने हुए हैं। जैसे ही त्योहारी मांग कम होगी और अंतरराष्ट्रीय बाजार से नई फसल की आवक शुरू होगी, तो घरेलू कीमतों में नरमी देखने को मिल सकती है।
