भू-राजनीतिक तनाव का बढ़ता असर
ईरान और इजरायल के बीच हालिया टकराव ने Bitcoin की कीमतों पर सीधा असर डाला है। इस भू-राजनीतिक संकट ने तेल की कीमतों को $93 प्रति बैरल के पार पहुंचा दिया है, जिससे ग्लोबल मैक्रो परिदृश्य और जटिल हो गया है। इस अस्थिरता के कारण निवेशक जोखिम भरी संपत्तियों से दूरी बना रहे हैं।
एनर्जी-इंफ्लेशन का चक्कर
वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड ऑयल की कीमत $93.56 प्रति बैरल तक पहुंच गई है। इस बढ़ोतरी से महंगाई बढ़ने की चिंताएं बढ़ी हैं और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड्स पर भी दबाव आया है। Bitcoin, जो हाल के दिनों में ग्लोबल लिक्विडिटी (liquidity) का एक प्रॉक्सी (proxy) बनकर उभरा है, अब बढ़ती ऊर्जा लागत और ऊंची यील्ड्स के दोहरे दबाव का सामना कर रहा है। ऐसे में, Bitcoin का प्रदर्शन टेक इक्विटी (tech equities) के समान जोखिमों से बंधा हुआ दिख रहा है।
संस्थागत बिकवाली का दौर
भू-राजनीतिक खबरों के अलावा, Bitcoin को संस्थागत निवेशकों की लगातार बिकवाली का भी सामना करना पड़ रहा है। अमेरिकी स्पॉट Bitcoin ETF से हाल के दिनों में भारी निकासी देखी गई है। जून के पहले हफ्ते में ही लगभग $3.4 बिलियन की नेट आउटफ्लो दर्ज की गई है। यह बाजार के लिए एक बड़ा बदलाव है, क्योंकि पहले ये फंड Bitcoin की कीमतों को सहारा दे रहे थे, लेकिन अब ये बिकवाली के मुख्य स्रोत बन गए हैं।
