Bitcoin फिलहाल **$85,000** से **$86,000** के दायरे में ट्रेड कर रहा है। जहां इंस्टीट्यूशनल ETF इनफ्लो ने मार्केट को सहारा दिया है, वहीं अमेरिका में बढ़ती ट्रेजरी यील्ड और महंगाई की चिंताओं ने तेजी पर ब्रेक लगा रखा है।
बाजार का 'टग-ऑफ-वार'
फिलहाल क्रिप्टो बाजार एक बड़े दबाव और समर्थन के बीच फंसा हुआ है। 10-year US Treasury yields का 5% के स्तर को पार करना निवेशकों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है, क्योंकि बॉन्ड यील्ड बढ़ने से रिस्की एसेट्स से पैसा निकलकर सुरक्षित बॉन्ड्स की ओर चला जाता है। हालांकि, अमेरिका के कमजोर रोजगार आंकड़ों ने अक्टूबर में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदों को थोड़ा कम किया है, जिससे बिटकॉइन को कुछ राहत मिली है।
इंस्टीट्यूशनल सपोर्ट का सहारा
बिटकॉइन के लिए राहत की बात यह है कि US स्पॉट बिटकॉइन ETFs में लगातार नेट इनफ्लो बना हुआ है। यह इंस्टीट्यूशनल सपोर्ट ही है जिसकी वजह से कीमतें $83,000 से $84,000 के रेंज में मजबूती से टिकी हुई हैं। दूसरी तरफ, ऊपर की ओर $87,000 से $88,000 का दायरा एक मजबूत रेजिस्टेंस के रूप में खड़ा है, जिसे पार करना अभी मुश्किल दिख रहा है।
निवेशकों की नजरें कहां हैं?
अब सबकी नजरें 14 अक्टूबर को आने वाले US इन्फ्लेशन डेटा पर टिकी हैं। यह डेटा ही तय करेगा कि 27-28 अक्टूबर को होने वाली फेडरल रिजर्व की पॉलिसी मीटिंग में क्या रुख अपनाना है। जब तक कोई बड़ा ट्रिगर नहीं आता, बाजार 'वेट एंड वॉच' की स्थिति में है। फिलहाल, क्रूड ऑयल जैसी कमोडिटी कीमतों में उतार-चढ़ाव और महंगाई के आंकड़े ही मार्केट की चाल तय करेंगे।
