Bitcoin ने 21 सितंबर को $85,000 का स्तर पार कर लिया है। अमेरिकी स्पॉट बिटकॉइन ETF में **$435 मिलियन** के नेट इनफ्लो ने इस रैली को हवा दी है, लेकिन एक्सपर्ट्स $82,000 के सपोर्ट लेवल पर नजर रखने की सलाह दे रहे हैं।
बाजार में क्यों आई ये तेजी?
इस उछाल की मुख्य वजह इंस्टीट्यूशनल निवेशकों का बढ़ता भरोसा है। अमेरिकी स्पॉट बिटकॉइन ETF में शुक्रवार को $435 मिलियन की बड़ी रकम आई, जिसने बाजार में मजबूती का आधार तैयार किया। साथ ही, ग्लोबल स्तर पर लॉन्ग-टर्म ट्रेजरी यील्ड में गिरावट और कच्चे तेल (Oil) की कीमतों में कमी से भी रिस्क-लिंक्ड एसेट्स के प्रति सेंटीमेंट बेहतर हुए हैं।
टेक्निकल ब्रेकआउट और शॉर्ट-सेलिंग का असर
टेक्निकल तौर पर देखें तो Bitcoin ने $82,000 से $83,000 के मजबूत रेजिस्टेंस जोन को तोड़ दिया है। इस ब्रेकआउट के कारण उन ट्रेडर्स को बड़ा झटका लगा है जिन्होंने कीमतों में गिरावट पर दांव (Short Selling) लगाया था। शॉर्ट्स को अपनी पोजीशन क्लोज करने पर मजबूर होना पड़ा, जिससे कुल $445 मिलियन से ज्यादा की लिक्विडेशन हुई। इस जबरदस्त खरीदारी के दबाव ने भाव को और ऊपर धकेला।
रिस्क और निवेशकों के लिए सलाह
तेजी की रफ्तार के साथ रिस्क भी बढ़ गया है। डेली रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडिकेटर (RSI) ओवरबॉट जोन की तरफ बढ़ रहा है, जिसका मतलब है कि मुनाफावसूली के कारण जल्द ही कंसोलिडेशन देखने को मिल सकता है।
फिलहाल, निवेशकों के लिए $82,000 का स्तर सबसे अहम है, जो पहले रेजिस्टेंस था और अब सपोर्ट का काम कर रहा है। यदि बिटकॉइन इस लेवल के ऊपर टिका रहता है, तो ट्रेंड स्थिर बना रहेगा। हालांकि, इस लेवल के नीचे जाने पर बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है।
