पिछले एक महीने में Bitcoin और Gold की चाल **70%** तक एक जैसी रही है। यह दिखाता है कि निवेशक अब डिजिटल एसेट को सोने की तरह वैल्यू स्टोर मान रहे हैं। डॉलर के कमजोर होने के डर से दोनों एसेट्स में निवेश बढ़ रहा है।
Detailed Coverage
Bitcoin और Gold में बढ़ा साथ
Bitcoin को अक्सर 'डिजिटल गोल्ड' कहा जाता है, लेकिन अब तक इसकी चाल ज़्यादातर वोलेटाइल टेक स्टॉक्स जैसी रही है। लेकिन पिछले महीने के डेटा से तस्वीर बदल गई है। Bitcoin और Gold की कीमतों के बीच Correlation 70% तक पहुंच गया है। इसका मतलब है कि पिछले 30 दिनों में, दोनों एसेट्स ज़्यादातर एक ही दिशा में चले हैं।
महंगाई के डर से बढ़ी मांग
यह बढ़ता Correlation सीधे तौर पर अमेरिकी डॉलर में महंगाई को लेकर निवेशकों की चिंताओं से जुड़ा है। जब निवेशकों को लगता है कि उनकी करेंसी की कीमत घट सकती है, तो वे पारंपरिक रूप से Gold की ओर रुख करते हैं। हालिया ट्रेंड इशारा करता है कि अब निवेशक Bitcoin को भी सोने के साथ अपनी पोर्टफोलियो में शामिल कर रहे हैं, ताकि वे पैसे की घटती कीमत के खिलाफ बचाव (Hedge) कर सकें।
Correlation को समझना ज़रूरी
यह 70% का Correlation भले ही चौंकाने वाला हो, पर निवेशकों को यह समझना चाहिए कि ऐसे ट्रेंड्स अस्थायी हो सकते हैं। Bitcoin की कीमत ग्लोबल इंटरेस्ट रेट्स, बाजार में लिक्विडिटी और रेगुलेटरी खबरों पर भी निर्भर करती है। Gold के विपरीत, जिसका हजारों साल का इतिहास है, Bitcoin एक नया डिजिटल एसेट है और इसमें उतार-चढ़ाव ज़्यादा हो सकता है।
निवेशकों के लिए ज़रूरी बातें
आगे निवेशकों को यह देखना होगा कि यह हाई Correlation बना रहता है या नहीं। उन्हें यह भी देखना होगा कि अगर अमेरिकी डॉलर या टेक स्टॉक्स में अचानक कोई बड़ा बदलाव आता है, तो Bitcoin कैसा प्रदर्शन करता है। क्योंकि Gold के विपरीत, Bitcoin की कोई फिजिकल वैल्यू नहीं है, इसलिए क्रिप्टो रेगुलेशन या टैक्स पॉलिसी में कोई भी बदलाव इस Correlation को प्रभावित कर सकता है।
