साल 2026 की दूसरी तिमाही में छह बड़ी ऑयल कंपनियों के मुनाफे में भारी उछाल की उम्मीद है। जहाँ पिछले क्वार्टर के मुकाबले यह लगभग दोगुना होकर **$45 अरब** तक पहुँच सकता है, वहीं Oxfam जैसी संस्थाएं इस 'विंडफॉल टैक्स' की मांग कर रही हैं ताकि क्लाइमेट एडॉप्शन प्रोजेक्ट्स को फंड किया जा सके।
Detailed Coverage
रिकॉर्ड मुनाफे की ओर ऑयल सेक्टर
दुनिया की छह दिग्गज ऑयल और गैस कंपनियों - BP, Chevron, Eni, ExxonMobil, Shell, और TotalEnergies - से उम्मीद है कि वे अप्रैल-जून 2026 की तिमाही में कुल $45 अरब का नेट इनकम दर्ज करेंगी। यह 2026 की पहली तिमाही में कमाए गए $23 अरब से काफी ज्यादा है, जो इस सेक्टर के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
कमाई के आंकड़े चौंका रहे हैं
अगर मौजूदा बाजार की चाल ऐसे ही बनी रही, तो 2026 के पूरे कैलेंडर साल में इन छह कंपनियों का कुल मुनाफा करीब $147 अरब तक पहुँच सकता है। आंकड़ों की बात करें तो Chevron हर सेकंड लगभग $1,200 कमा सकती है, जबकि ExxonMobil की कमाई $1,800 प्रति सेकंड के करीब हो सकती है। यह आंकड़ा 2024 की दूसरी तिमाही से लेकर 2025 के अंत तक 21 महीनों की कुल कमाई से भी ज्यादा है।
उत्पादन बढ़ाने की योजना और बढ़ता दबाव
इस भारी मुनाफे के बावजूद, ऑयल सेक्टर पर अपने लॉन्ग-टर्म एनवायरनमेंटल स्ट्रेटेजी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। ये बड़ी कंपनियां 2030 तक अपने तेल और गैस उत्पादन को 14% तक बढ़ाने की योजना बना रही हैं, जो 2024 के उत्पादन स्तर पर आधारित है। इस संभावित वृद्धि से हर दिन लगभग 25 लाख बैरल उत्पादन बढ़ सकता है। Oxfam ने अपनी हालिया रिपोर्ट में कहा है कि इन ऑपरेशंस से होने वाला उत्सर्जन ग्लोबल हीटवेव्स और एक्सट्रीम वेदर इवेंट्स को बढ़ा रहा है। संस्था का तर्क है कि यह मुनाफा तब कमाया जा रहा है जब उत्सर्जन के लिए सबसे कम जिम्मेदार देश जरूरी क्लाइमेट एडॉप्शन उपायों के लिए फंड जुटाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
टैक्स का मुद्दा और निवेशकों के लिए संकेत
Oxfam ने सरकारों से आग्रह किया है कि वे इस अतिरिक्त मुनाफे पर 'विंडफॉल टैक्स' लगाने पर विचार करें ताकि ग्लोबल क्लाइमेट एडॉप्शन फंडिंग गैप को भरा जा सके। 2025 की UN एनवायरनमेंट प्रोग्राम (UNEP) रिपोर्ट के अनुसार, 2035 तक निम्न और मध्यम आय वाले देशों को सालाना $310 अरब से $365 अरब की आवश्यकता होगी। Oxfam का सुझाव है कि 585 प्रमुख फॉसिल फ्यूल कंपनियों पर एक ग्लोबल टैक्स लगाकर $400 अरब तक जुटाए जा सकते हैं, जो इन लागतों को पूरा करने के लिए एक महत्वपूर्ण राजस्व स्रोत होगा।
निवेशकों के लिए, सबसे महत्वपूर्ण बात यह होगी कि प्रमुख बाजारों में नए रेगुलेटरी फ्रेमवर्क और टैक्सेशन पॉलिसीज कैसी बनती हैं। फिलहाल यह सेक्टर मजबूत प्रॉफिट मार्जिन से लाभान्वित हो रहा है, लेकिन भविष्य की प्रॉफिटेबिलिटी इस बात पर निर्भर करेगी कि सरकारें विंडफॉल टैक्स की मांग को कैसे संबोधित करती हैं और यह इंडस्ट्री अपनी प्रोडक्शन ग्रोथ योजनाओं को रिन्यूएबल एनर्जी की ओर बढ़ते दबाव के साथ कैसे संतुलित करती है।
