बेल्जियम के प्रधानमंत्री Bart De Wever ने मुंबई में HRD Antwerp की विस्तारित लैब का उद्घाटन किया है। इससे डायमंड ग्रेडिंग की क्षमता **30%** बढ़कर **2,000** स्टोन प्रतिदिन हो गई है। भारत कंपनी के ग्लोबल रेवेन्यू में **59%** का योगदान देता है।
मुंबई हब पर कंपनी का बड़ा दांव
बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) में स्थित यह लैब अब और भी आधुनिक हो गई है। काम के बढ़ते दबाव को देखते हुए कंपनी ने अपनी टीम में 40 नए फुल-टाइम कर्मचारी भी शामिल किए हैं। यह कदम भारत के प्रति कंपनी की रणनीतिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
भारत क्यों है इतना खास?
HRD Antwerp के लिए भारत सबसे बड़ा मार्केट बनकर उभरा है। आंकड़ों के मुताबिक, कंपनी का कुल ग्लोबल रेवेन्यू का 59% हिस्सा अकेले भारतीय बाजार से आता है। इस साल कंपनी को भारत में 15.4% की ग्रोथ की उम्मीद है, जो ग्लोबल ग्रोथ रेट (12.6%) से कहीं ज्यादा है। खास बात यह है कि ज्वेलरी ग्रेडिंग सेगमेंट इस ग्रोथ में बड़ा रोल निभा रहा है, क्योंकि अब रिटेलर्स पारदर्शिता के लिए सर्टिफिकेशन को प्राथमिकता दे रहे हैं।
सेक्टर के लिए संकेत और जोखिम
हालांकि HRD Antwerp भारतीय शेयर बाजार में लिस्टेड नहीं है, लेकिन इसका विस्तार डायमंड सेक्टर के लिए एक बड़े ट्रेंड की तरह है। भारत में 1,500 से ज्यादा कंपनियों को सेवाएं देने वाली यह फर्म अब एक्सपोर्ट मार्केट में भारतीय ज्वेलर्स की धाक जमाने में मदद कर रही है।
निवेशकों और जानकारों के लिए यह ध्यान रखना जरूरी है कि कंपनी का 59% रेवेन्यू भारत पर निर्भर है। ऐसे में भारतीय इकोनॉमी में कोई भी बड़ा बदलाव या डायमंड पॉलिसी में फेरबदल कंपनी के कामकाज पर सीधा असर डाल सकता है। साथ ही, ग्लोबल लक्जरी डिमांड और इंटरनेशनल ट्रेड रेगुलेशन में अस्थिरता इस सेक्टर के लिए हमेशा से एक बड़ी चुनौती रही है।
