पाकिस्तान के बलूचिस्तान में Barrick Gold के Reko Diq प्रोजेक्ट के काफिले पर हुए हमले ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। सुरक्षा हालातों के चलते अब प्रोजेक्ट की डेडलाइन **2027** तक खिसक गई है।
बलूचिस्तान के चगाई जिले में 31 अगस्त, 2026 को Barrick Gold के सुरक्षा काफिले पर हुए अचानक हमले ने स्थिति को गंभीर बना दिया है। इस दो घंटे लंबी मुठभेड़ में 12 मिलिटेंट्स ढेर हुए, जबकि 2 सुरक्षाकर्मी घायल हुए हैं। यह घटना बताती है कि बलूचिस्तान में बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को स्थानीय विद्रोही समूहों से किस हद तक खतरा है।
प्रोजेक्ट की टाइमलाइन पर असर
कंपनी ने पहले ही स्वीकार किया है कि सुरक्षा चुनौतियों के कारण काम की गति धीमी है। अब Barrick Gold ने प्रोजेक्ट रिव्यू पीरियड को 2027 के मध्य तक बढ़ा दिया है। निवेशकों के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द प्रोजेक्ट की लागत है। शुरुआती अनुमानों के अनुसार, फेज-1 का बजट $5.6 से $6.0 बिलियन और फेज-2 का बजट $3.3 से $3.6 बिलियन रखा गया था।
क्यों बढ़ सकते हैं खर्च?
सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा करने के लिए अब कंपनी को अतिरिक्त बजट खर्च करना पड़ेगा। लॉजिस्टिक्स की जटिलता और प्रतिकूल माहौल में काम करने से ओवरऑल कैपिटल एक्सपेंडिचर बढ़ने की पूरी आशंका है। Balochistan Liberation Army जैसे समूहों द्वारा लगातार हो रहे हमलों के कारण Barrick Gold को अब केवल माइनिंग की तकनीकी चुनौतियों से ही नहीं, बल्कि एक जटिल भू-राजनीतिक वातावरण से भी जूझना पड़ रहा है। अब सबकी नजरें मैनेजमेंट की उस कमेंट्री पर हैं, जिसमें वे सुरक्षा खर्च और बजट में बदलाव पर साफ-साफ बात करेंगे।
