BSE और MMTC-PAMP की बड़ी साझेदारी, अब Electronic Gold Receipts (EGR) में बढ़ेगी चमक

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
BSE और MMTC-PAMP की बड़ी साझेदारी, अब Electronic Gold Receipts (EGR) में बढ़ेगी चमक

BSE ने अब गोल्ड रिफाइनर MMTC-PAMP के साथ हाथ मिलाया है। इस साझेदारी का मुख्य मकसद एक्सचेंज पर Electronic Gold Receipts (EGR) के कारोबार को रफ्तार देना और फिजिकल गोल्ड मार्केट में पारदर्शिता लाना है।

BSE ने गोल्ड रिफाइनिंग के क्षेत्र में धाक जमाने वाली कंपनी MMTC-PAMP के साथ करार किया है। इस साझेदारी का उद्देश्य फिजिकल गोल्ड को डिजिटल यूनिट्स में बदलने की प्रक्रिया को आसान बनाना है, जिसे सीधे स्टॉक एक्सचेंज पर ट्रेड किया जा सकता है। MMTC-PAMP भारत की इकलौती ऐसी रिफाइनर है जिसे London Bullion Market Association से मान्यता प्राप्त है, जिससे EGR सेगमेंट में निवेशकों का भरोसा बढ़ना तय है।\n\n### पारदर्शिता और पारदर्शिता का नया दौर\n\nEGR के जरिए निवेशक अब स्टॉक एक्सचेंज के माध्यम से ही सोना खरीद, बेच या उसे फिजिकल गोल्ड के रूप में घर मंगा सकते हैं। यह कदम भारतीय स्वर्ण बाजार को असंगठित क्षेत्र से निकालकर एक पारदर्शी और रेगुलेटेड ढांचे में लाने की एक कोशिश है। BSE के लिए अपने कमोडिटी सेगमेंट में ट्रेडिंग वॉल्यूम बढ़ाना एक बड़ी प्राथमिकता है, क्योंकि इससे कंपनी की ट्रांजैक्शन रेवेन्यू को बड़ा सपोर्ट मिल सकता है।\n\n### क्या चुनौती है?
\nबाजार के जानकारों का मानना है कि डिजिटल गोल्ड की राह आसान नहीं है। Sovereign Gold Bonds (SGB) के उलट, EGR में ब्याज का लाभ नहीं मिलता है, इसलिए यहां निवेशक मुख्य रूप से प्राइस स्पेक्यूलेशन या आसान फिजिकल डिलीवरी के लिए आते हैं। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह साझेदारी स्थानीय ज्वेलर्स और अन्य अनरेगुलेटेड डिजिटल गोल्ड ऐप्स के सामने टिक पाती है। निवेशकों को इस बात पर नजर रखनी चाहिए कि क्या यह इंटीग्रेशन एक्सचेंज के डेली टर्नओवर में कोई बड़ा उछाल ला पाता है या नहीं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.