BHP का मुनाफा ₹13.2 अरब पहुंचा, अब कॉपर पर बड़ा दांव

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
BHP का मुनाफा ₹13.2 अरब पहुंचा, अब कॉपर पर बड़ा दांव

BHP Group ने मजबूत कॉपर और आयरन ओर की कीमतों के दम पर सालाना मुनाफा 30% बढ़कर $13.2 अरब दर्ज किया है। नए CEO ब्रैंडन क्रेग ने 2035 तक कॉपर उत्पादन में सालाना 3-4% की वृद्धि की महत्वाकांक्षी योजना का ऐलान किया है। कंपनी ने चार साल का सबसे बड़ा डिविडेंड भी घोषित किया है, लेकिन निवेशकों की नज़रें ऑपरेशनल रिस्क और पुरानी खदानों के मेंटेनेंस पर होने वाले भारी खर्च पर भी है।

BHP के शानदार नतीजे

BHP Group ने 2026 फाइनेंशियल ईयर के लिए दमदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का अंडरलाइंग एट्रिब्यूटेबल प्रॉफिट 30% बढ़कर $13.2 अरब रहा, जो मार्केट की उम्मीदों से बेहतर है। वहीं, रेवेन्यू भी 15% बढ़कर $58.8 अरब तक पहुंच गया। इस शानदार ग्रोथ का मुख्य कारण कॉपर की बढ़ती कीमतें रहीं, जिन्होंने कंपनी को अन्य सेगमेंट में मिले-जुले प्रदर्शन के बावजूद अच्छे नतीजे दिलाने में मदद की।

कॉपर बना कारोबार का मुख्य आधार

अब कंपनी के अंडरलाइंग EBITDA में कॉपर का योगदान 54% हो गया है, जो इसे बिज़नेस का सबसे अहम हिस्सा बनाता है। यह एक बड़ा बदलाव है, क्योंकि पहले BHP ज़्यादातर आयरन ओर पर निर्भर करती थी। कॉपर की रियलाइज्ड कीमतों में इस अवधि के दौरान 35% का उछाल आया, जो रेवेन्यू और प्रॉफिट ग्रोथ में इसके प्रमुख रोल को दर्शाता है।

CEO की ग्रोथ स्ट्रैटेजी

जुलाई 2026 में कमान संभालने वाले नए CEO ब्रैंडन क्रेग के नेतृत्व में कंपनी अपने कॉपर ऑपरेशंस को बड़े पैमाने पर बढ़ाने की तैयारी में है। मैनेजमेंट टीम ने 2035 तक कॉपर-इक्विवेलेंट प्रोडक्शन में सालाना 3-4% की ग्रोथ का लक्ष्य रखा है। कंपनी का इरादा 2030 के मध्य तक कुल आउटपुट में 40-50% की वृद्धि करना है, ताकि एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे सेक्टर्स की बढ़ती मांग को पूरा किया जा सके।

डिविडेंड और फाइनेंशियल हेल्थ

शेयरहोल्डर्स को प्रति शेयर 99 US सेंट का फाइनल डिविडेंड मिलेगा, जो पिछले चार सालों का सबसे बड़ा भुगतान है। कंपनी की बैलेंस शीट भी काफी मजबूत दिख रही है, जिसमें नेट डेट घटकर $8.7 अरब रह गया है। यह शेयरहोल्डर्स को रिटर्न ऐसे समय में मिल रहा है, जब कंपनी को Jansen पोटाश प्रोजेक्ट पर $2.3 अरब का भारी नुकसान झेलना पड़ा है। यह एक असाधारण खर्च था जिसने कुल एट्रिब्यूटेबल प्रॉफिट को प्रभावित किया।

ऑपरेशनल रिस्क और भविष्य के खर्चे

प्रोडक्शन बढ़ाना चुनौतियों से भरा है। BHP को पुरानी इंफ्रास्ट्रक्चर, खासकर चिली और ऑस्ट्रेलिया के ओलंपिक डैम साइट पर मेंटेनेंस के बढ़ते खर्च का सामना करना पड़ रहा है। इन्वेस्टर्स को यह देखना होगा कि कंपनी इन बढ़ते फ्यूल, लेबर और इनपुट कॉस्ट को कैसे मैनेज करती है, साथ ही इतने बड़े कैपिटल प्रोजेक्ट्स को पूरा करने के जोखिमों को भी। हमेशा यह जोखिम बना रहता है कि अगर इन प्रोजेक्ट्स में देरी हुई या कमोडिटी की कीमतें गिरीं, तो कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव आ सकता है।

अगले चरण में इन्वेस्टर्स को इन ग्रोथ प्रोजेक्ट्स की असल प्रगति पर नज़र रखनी होगी। नई स्ट्रैटेजी की लॉन्ग-टर्म सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि मैनेजमेंट खर्चे कंट्रोल कर पाता है या नहीं, और वो वोलेटाइल ग्लोबल कमोडिटी मार्केट में अपने प्रोडक्शन टारगेट को पूरा कर पाता है या नहीं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.