Bharat Coking Coal Ltd. (BCCL) के शेयर मंगलवार को 2.5 मिलियन शेयरों के वॉल्यूम के साथ 2.3% गिरकर ₹37.83 पर बंद हुए। यह बड़ी गिरावट कंपनी के दिसंबर तिमाही के वित्तीय नतीजों के बाद आई है, जिसने बाजार को चौंका दिया है।
मुनाफे में भारी गिरावट और मार्जिन का सिकुड़ना
कंपनी ने इस तिमाही में ₹23 करोड़ का शुद्ध घाटा (Net Loss) दर्ज किया है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में ₹425 करोड़ का शानदार मुनाफा हुआ था। यह एक बड़ा उलटफेर है। कुल आय (Sales) में भी 24.6% की भारी कटौती देखी गई, जो ₹3,688 करोड़ से घटकर ₹2,782 करोड़ रह गई।
कंपनी का EBITDA (Earnings Before Interest, Tax, Depreciation, and Amortisation) तो 94% तक लुढ़क गया, जो पिछले साल के ₹566.6 करोड़ की तुलना में इस बार घटकर महज ₹32.9 करोड़ रह गया। इसके चलते कंपनी का EBITDA मार्जिन 15.4% से गिरकर सिर्फ 1.2% पर आ गया।
खर्चों की बात करें तो फाइनेंस कॉस्ट (Finance Costs) लगभग तीन गुना बढ़कर ₹46.36 करोड़ हो गई (जो पिछले साल ₹16.5 करोड़ थी)। वहीं, एम्प्लॉई एक्सपेंस (Employee Expenses) में ₹90 करोड़ का इजाफा हुआ। ये झटके ऐसे समय में लगे हैं, जब हाल ही में कंपनी के IPO को निवेशकों का अच्छा समर्थन मिला था और शेयर अपने IPO मूल्य ₹23 से बढ़कर ₹45 के स्तर पर पहुंच गया था।
विश्लेषक चिंतित, पीयर कंपनियों से तुलना
BCCL के ये नतीजे इंडस्ट्री के दूसरे बड़े खिलाड़ियों की तुलना में कमजोर दिखाई देते हैं। ₹15,000 करोड़ मार्केट कैप वाली BCCL का P/E 18.5x (Trailing) और 15.2x (Forward) है। इसके मुकाबले, Coal India Ltd. ने 5% राजस्व बढ़ोतरी के साथ 12% का EBITDA मार्जिन बनाए रखा है, जबकि NMDC Ltd. का शुद्ध मुनाफा 8% बढ़ा और P/E 14x के आसपास रहा।
बाजार के जानकारों का कहना है कि कोकिंग कोल (Coking Coal) के बेंचमार्क दाम पिछली तिमाही में 10% गिरे हैं, जिसकी वजह चीन में स्टील की घटती मांग और सप्लाई का बढ़ना है। हालांकि, भारत में स्टील की मांग मजबूत बनी हुई है, पर कच्चे माल की लागत बढ़ रही है।
विश्लेषकों (Analysts) ने भी BCCL के शेयरों को लेकर चिंता जताई है। ICICI Securities ने स्टॉक की रेटिंग को 'Underperform' करते हुए टारगेट प्राइस ₹35 कर दिया है।
भविष्य की राह
मार्जिन में आई इस भारी कमी और बढ़ते लागत ढांचे के चलते BCCL के सामने चुनौतियां बढ़ गई हैं। कंपनी को अपनी ऑपरेशनल एफिशिएंसी (Operational Efficiency) सुधारने और कर्ज (Debt) को मैनेज करने की तत्काल आवश्यकता है ताकि निवेशकों का भरोसा फिर से जीता जा सके। ब्रोकरेज हाउस के संकेत बताते हैं कि बाजार अब IPO की सफलता से आगे बढ़कर कंपनी की असल मुनाफे की क्षमता में सुधार का इंतजार कर रहा है।