ArcelorMittal ने Q3 2026 में **$391 मिलियन** का नेट लॉस रिपोर्ट किया है, जिसका मुख्य कारण यूक्रेन ऑपरेशंस से जुड़े वन-टाइम चार्जेस हैं। इसके बावजूद निवेशकों ने कंपनी के **34%** बढ़े हुए ऑपरेटिंग प्रॉफिट पर दांव लगाया है।
ArcelorMittal ने गुरुवार को अपने फाइनेंशियल नतीजे पेश किए, जिसमें कंपनी को $391 मिलियन का नेट लॉस हुआ है। पिछले साल की इसी तिमाही में कंपनी ने $377 मिलियन का मुनाफा दर्ज किया था। हालांकि, खराब नतीजों के बावजूद मार्केट ने कंपनी की ऑपरेशनल मजबूती को तरजीह दी, जिससे शेयर में 5% का उछाल देखने को मिला।
घाटे के पीछे की असली वजह
रिपोर्ट किए गए नुकसान के पीछे मुख्य कारण $1.145 बिलियन का वन-टाइम चार्ज रहा। इसमें यूक्रेन के Kryvyi Rih फैसिलिटी से जुड़े $852 मिलियन का इंपेयरमेंट और $293 मिलियन की अन्य असाधारण लागतें शामिल हैं। यदि इन वन-टाइम खर्चों को हटा दिया जाए, तो तस्वीर काफी बेहतर है। कंपनी का ऑपरेटिंग प्रॉफिट यानी EBITDA $2.02 बिलियन रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 34% अधिक है।
भारत का प्रदर्शन और चुनौतियां
भारतीय निवेशकों के लिए AMNS India (ArcelorMittal और Nippon Steel का जॉइंट वेंचर) पर नजर रखना जरूरी है। भारतीय यूनिट ने इस तिमाही में $266 मिलियन का ऑपरेटिंग प्रॉफिट कमाया है, जो कंपनी के ओवरऑल पोर्टफोलियो में इसकी अहमियत को दर्शाता है।
बैलेंस शीट पर दबाव
कंपनी के सामने कुछ चुनौतियां भी हैं। 30 सितंबर 2026 तक कंपनी का नेट डेट $10.3 बिलियन रहा। इसके अलावा यूरोप के बाजारों में बढ़ती एनर्जी कॉस्ट और ग्लोबल स्टील की कीमतों में उतार-चढ़ाव कंपनी के लिए भविष्य में चिंता का विषय बने रह सकते हैं।
