मरम्मत में आ रही हैं बड़ी दिक्कतें
Saudi Aramco ने अपने खरीदारों को सूचित किया है कि Juaymah LPG फैसिलिटी में स्ट्रक्चरल डैमेज (structural damage) को ठीक करने का काम उम्मीद से कहीं ज़्यादा पेचीदा साबित हो रहा है। फरवरी के आखिर में सपोर्ट सिस्टम (support system) को हुए नुकसान की मरम्मत में जटिलताएं आने के कारण, सप्लाई को मई तक के लिए रोक दिया गया है।
वैश्विक आपूर्ति पर गहरा असर
Juaymah फैसिलिटी से होने वाली LPG की यह रुकावट वैश्विक आपूर्ति का लगभग 3.5% हिस्सा प्रभावित करती है। इसके चलते मार्च में प्रोपेन (Propane) के फ्यूचर्स (futures) में 5% की तेज़ी आई और यह $590 प्रति टन के पार चला गया। यह समस्या भारत जैसे देशों के लिए और भी गंभीर है, जहां लाखों लोग खाना पकाने के लिए LPG पर निर्भर हैं, और मौजूदा भू-राजनीतिक तनाव (geopolitical tensions) और शिपिंग रूट्स (shipping routes) में गड़बड़ी के कारण ऊर्जा संकट पहले से ही बना हुआ है।
भू-राजनीतिक तनाव का बढ़ता साया
यह स्थिति मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनावों के बीच आई है, जिससे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) जैसे अहम शिपिंग रूट्स बाधित हो रहे हैं। यह वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा पैदा कर रहा है। इस संकट से दुनिया भर में तेल और LNG ट्रेड का अनुमानित 20-30% प्रभावित हुआ है। अप्रैल की शुरुआत तक ब्रेंट क्रूड (Brent crude) $92 प्रति बैरल के पार चला गया था। इन रुकावटों से न केवल सप्लाई घटती है, बल्कि शिपिंग और बीमा लागत भी बढ़ जाती है, जिससे कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है।
भारत जैसे देशों के लिए चिंता
उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि Juaymah में मरम्मत में कम से कम एक और महीना लग सकता है। इससे सऊदी LPG एक्सपोर्ट (exports) में प्रतिदिन लगभग 170,000 बैरल की कमी आ सकती है। इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (International Energy Agency) ने मौजूदा वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा की स्थिति को 'इतिहास की सबसे बड़ी चुनौती' बताया है। Saudi Aramco, जिसका मार्केट वैल्यू लगभग $1.7 ट्रिलियन है, और जिसकी बैलेंस शीट (balance sheet) काफी मज़बूत है (गियरिंग रेश्यो 3.8% के करीब), को इन चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। Iran और U.S.-Israel coalition के बीच चल रहे संघर्ष का असर ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर (infrastructure) और सप्लाई चेन (supply chain) पर पड़ रहा है।
